ग्रामीण एसडीएम को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। बाद में तहसीलदार बारा पहुंचीं परिजनों से बात की। तो परिजन पांच बीघे जमीन, पत्नी को सरकारी नौकरी, 50 लाख मुआवजे की मांग करने लगे। बात नहीं बनने पर पुलिस जबरन शव लेकर जाने लगी तो उग्र ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। लोगों ने पुलिस की गाड़ी रोकने का प्रयास किया। पथराव में तहसीलदार बारा की गाड़ी का शीशा टूट गया। मृतक के भतीजे शिवकुमार ने पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाया है। मामले में डीसीपी यमुनानगर संतोष कुमार मीणा ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी जितेंद्र कुमार सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर जांच पड़ताल की जा रही है।
छिन गया परिवार का सहारा
चंद्रशेखर गुमटी के सहारे परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके तीन बच्चे उत्तम (8), आजाद (6), एक बेटी छोटू (2) हैं। मां और पत्नी समेत आधा दर्जन लोगों का पालन-पोषण करने वाला चंद्रशेखर परिवार का एक मात्र सहारा था। घटना के बाद मृतक की पत्नी निशा देवी व मां केवली देवी रोती रहीं।
पुलिस पर लगाया मनमानी तहरीर लिखवाने का आरोप
क्षेत्र के सुंदरपुर में युवक की हत्या के मामले में मृतक के भतीजे शिवकुमार, भांजे अखिलेश ने बताया कि बुधवार रात मृतक धान के खेत की रखवाली करने गया था। वहीं खेत पर आरोपी जितेंद्र कुमार सिंह ने लाठी-डंडे से पिटाई की। बृहस्पतिवार की सुबह जानकारी पर इलाज के लिए ले जया गया तो रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर तहरीर बदलवाने का आरोप लगाया है। कहा कि घर से गुमटी की दूरी नजदीक है। यदि गुमटी पर हत्या या मारपीट होती तो सभी लोग रात में ही जान जाते।