निगम की अधिकतर बसों की टूटी हैं खिड़कियां, शीशे भी नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। निगम की बसों में बारिश के दौरान यात्रियों को भीगकर सफर करना पड़ रहा है। रोडवेज की अधिकतर बसों की खिड़कियां और शीशे टूटे हैं। किराया देने के बाद भी बस का सफर कठिन हो रहा है।
प्रतापगढ़ डिपो के पास परिवहन निगम की 53 बसें हैं। मगर अधिकतर बसों के शीशे टूटे हैं। खिड़कियां भी टूटी हैं। इस वजह से रोडवेज बसों में सवारी करने वाले यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में रोडवेज बसों में सफर कर रहे यात्री भीगते रहते हैं। खिड़की और शीशों के साथ सीटें भी उखड़ी रहती हैं।
शनिवार शाम हुई बारिश में प्रतापगढ़ बस स्टेशन की पड़ताल में सामने आया कि रोडवेज की कई बसों में बारिश से बचाव के लिए समुचित व्यवस्था ही नहीं है। इससे यात्रियों को काफी समस्याओं से जूझना पड़ा। इस दौरान प्रयागराज, फैजाबाद और लखनऊ को जा रही बस के शीशे टूटे दिखाई पड़े। एआरएम पीके कटियार ने बताया कि बसों की समय-समय पर मरम्मत कराई जाती है। इसके लिए तैयारियां कर ली गई हैं। जिस भी बस में दिक्कतें हैं, उन्हें जल्द ही ठीक करा लिया जाएगा।
प्रयागराज से अपने घर लौट रहा हूं। बारिश में बस का सफर के दौरान भीगकर आना पड़ा। परेशान भी हो गया। - अशफाक अहमद सरखेलपुर बाबा बेलखरनाथ धाम
लखनऊ जा रहा हूं। बारिश में बस के सफर में दिक्कत हो रही है। खिड़कियों के शीशे टूटे होने की वजह से भीग गया हूं।
मनोज गुप्ता, लच्छीपुर
बस से फैजाबाद जाना था। बस की हालत देखकर बारिश में भीगना तय है। मजबूरी में परेशानी के बीच सफर करुंगा। - विमल
कुमार, शिवगढ़
रायबरेली में तेज बारिश हुई तो मैं भीग गया। खिड़की, शीशा टूटा था, सीट तक पानी आने की वजह से खड़े होकर सफर किया।
शुभम सिंह गायत्री नगर बालीपुर
रोडवेजे बस की खिड़की में नहीं शीश। संवाद
रोडवेजे बस की खिड़की में नहीं शीश। संवाद
रोडवेजे बस की खिड़की में नहीं शीश। संवाद