वायरल बुखार ने मासूम बच्चों पर अटैक कर दिया है। बच्चे तेजी से बुखार की चपेट में आ रहे हैं। मंगलवार को बुखार से पीड़ित एक बच्चे की मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं 24 घंटे के भीतर 378 बच्चे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। इनमें कई बच्चों को भर्ती कर डॉक्टर इलाज कर रहे हैं।
जिले में बच्चे तेजी से वायरल की चपेट में आ रहे हैं। बुखार से पीड़ित बच्चे सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी और ओपीडी में 24 घंटे के भीतर बुखार से पीड़ित 378 बच्चों को परिजन लेकर उपचार के लिए पहुंचे। बाल रोग विशेषज्ञ डा. अनिल गुप्ता ने बताया कि वायरल के संक्रमण से पीड़ित बच्चों के सांस लेने में दिक्कत हो रही है। बदल रहे मौसम में लापरवाही बरतने पर बच्चे बीमारी की गिरफ्त में आ रहे हैं। कुछ बच्चों को बुखार के साथ ही उल्टी-दस्त की शिकायत है।
जेठवारा थाना क्षेत्र के दुंदा का पुरवा के जैश मोहम्मद के एक साल के बेटे अयान को दो दिन पहले बुखार आया। परिवार के लोग एक निजी अस्पताल में उसका इलाज करा रहे थे। आराम न मिलने पर मंगलवार को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। उस समय इमरजेंसी में डॉक्टर मौजूद नहीं थे। फार्मासिस्ट ने बाल रोग चिकित्सक को बुलाया। वह उसका उपचार शुरू कर दिए। सांस लेने में दिक्कत को देखते हुए उसे ऑक्सीजन लगाई गई। कुछ देर बाद उसकी सांसें थम गईं। यह देख कोहराम मच गया। परिजन चिकित्सक पर विलंब से इलाज करने का आरोप लगाने लगे। परिजनों के रोने के कारण अस्पताल में भीड़ लग गई। सीएमएस डा. सुरेश सिंह ने बताया कि बच्चा पहले से ही गंभीर हालत में था। उसे बचाने का पूरा प्रयास किया गया।
न बरतें लापरवाही, निमोनिया से बच्चों को बचाएं
मौसम की मार के साथ मच्छर जनित बीमारियों से घर-घर में लोग बीमार हो रहे हैं। बुखार के साथ ही बच्चे निमोनिया के शिकार हो रहे हैं। बच्चों पर बुखार का अटैक अधिक है। सरकारी अस्पतालों के साथ ही प्राइवेट अस्पतालों में सबसे ज्यादा मरीज बच्चे ही हैं।
बुखार से पीड़ित वीडीओ की मौत
बीरापुर। बुखार से पीड़ित वीडीओ की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसकी जानकारी होने पर घर में कोहराम मच गया। रानीगंज थाना क्षेत्र के अडार गांव निवासी पवन कुमार यादव (28) गौरा विकास खंड में ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर तैनात थे। दो दिन पूर्व उन्हें बुखार की शिकायत हुई। स्थानीय स्तर पर इलाज कराने के बाद भी उन्हें आराम नहीं हुआ। तेज बुखार होने के कारण हालत गंभीर हो गई। परिजनों ने उन्हें प्रयागराज स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। सोमवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मानिकपुर में 82 लोगों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजा, निगेटिव आई रिपोर्ट
कुंडा। मानिकपुर के युवक की डेंगू से हुई मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 82 लोगों का सैंपल लेकर जांच कराई। किसी में डेंगू के लक्षण नहीं मिले। मंगलवार को जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर सभी लोगों ने राहत की सांस ली। मानिकपुर नगर पंचायत के राजघाट मोहल्ला निवासी पूर्व सभासद रामचंद्र का बेटा आलोक निषाद (20) पुणे में रहने के दौरान डेंगू की चपेट में आ गया था। लखनऊ में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की जानकारी होने पर रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची थी। मोहल्ले में नालियों व रास्तों से लेकर घरों तक दवाओं का छिड़काव कराया। मोहल्ले में महिला-पुरुष, बच्चों व बूढ़ों समेत कुल 82 लोगों के रक्त के नमूने लिए और जांच के लिए भेजा। किसी में भी डेंगू व मलेरिया के लक्षण नहीं मिले। सभी लोगों की रिपोर्ट निगेटिव रही। जांच रिपोर्ट निगेटिव आने से स्वास्थ्य विभाग के साथ ही मोहल्ले के लोगों ने भी राहत की सांस ली है।
मेडिकल कालेज इमरजेंसी में वायरल फीवर से बच्चे की मौत पर बिलखते परिजन। संवाद- फोटो : PRATAPGARH