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यूपी बोर्ड : पहले ही दिन 11 हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने छोड़ा मैदान

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जीजीआईसी से हाईस्कूल बोर्ड की परीक्षा देकर बाहर निकलती छात्राएं। ंसवाद - फोटो : PRATAPGARH
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नकल पर नकेल की वजह से बृहस्पतिवार को यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर की हिंदी प्रथम प्रश्न पत्र की दोनों पालियों की परीक्षाओं में 11312 परीक्षार्थियों ने मैदान छोड़ दिया। सीसीटीवी कैमरे के जरिए परीक्षा केंद्रों की ऑनलाइन निगरानी के बीच दोनों पालियों की परीक्षाएं शांतिपूर्ण ढंग से हुई। हाईस्कूल में 6770 व इंटर में 4542 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा की निगरानी को लेकर दिनभर सचल दल परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करता रहा। दोनों पालियों की परीक्षा में कहीं भी नकल की शिकायत नहीं मिली।
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बृहस्पतिवार को हाईस्कूल व इंटर की हिंदी प्रथम प्रश्नपत्र व इंटर की सैन्य विज्ञान की परीक्षा थी। पहली पाली में हाईस्कूल की हिंदी व इंटर सैन्य विज्ञान की परीक्षा थी। हाईस्कूल की परीक्षा में कुल 57175 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इंटर सैन्य विज्ञान की परीक्षा में 37 परीक्षार्थी थे। सुबह आठ बजे से पहली पाली की परीक्षा थी, लेकिन सात बजे के बाद से ही परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की भीड़ जुटने लगी। परीक्षा शुरू होने से करीब आधे घंटे पहले गेट पर परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली गई।
इसके बाद परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिला। हालांकि पहला दिन होने के कारण परीक्षा केंद्रों पर अफरातफरी की स्थिति रही। सुबह आठ बजे से परीक्षा शुरू हुई। केंद्रों पर सख्ती का असर दिखा। सीसीटीवी कैमरे की निगरानी व सख्ती के कारण पहली पाली में हाईस्कूल की परीक्षा में पंजीकृत 57175 परीक्षार्थियों के सापेक्ष 50405 परीक्षार्थी ही परीक्षा में शामिल हुए।
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6770 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इंटर सैन्य विज्ञान की परीक्षा में 37 में 29 परीक्षार्थी ही उपस्थित रहे। दूसरी पाली की इंटर हिंदी की परीक्षा में कुल 49271 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। 4534 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। डीआईओएस डॉ. सर्वदानंद ने बताया कि दोनों पालियों की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। कहीं भी नकल की कोई शिकायत नहीं मिली।
ड्यूटी न करने वालों पर होगी कार्रवाई, वित्तविहीन कॉलेजों की जाएगी मान्यता
कक्ष निरीक्षक बनाए गए वित्तविहीन कॉलेजों के शिक्षकों के ड्यूटी नहीं करने पर विद्यालय की मान्यता रद होगी। यदि एडेड कॉलेज के शिक्षकों ने ऐसा किया तो उनका वेतन रोक दिया जाएगा। पहले दिन की परीक्षा में कक्ष निरीक्षकों की अनुपस्थिति को देखते हुए डीआईओएस ने यह आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 70 फीसदी वित्तविहीन कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। परीक्षा संपादित कराने का दायित्व पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाना होगा। बृहस्पतिवार को हिंदी प्रथम प्रश्रपत्र में वित्तविहीन कॉलेजों से बनाए गए कक्ष निरीक्षक भारी संख्या में अनुपस्थित रहे।

भुपियामऊ के अजब नारायण इंटर कालेज में परीक्षा देने आये छात्रों की तलाशी लेते शिक्षक। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

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