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Pratapgarh News: ठगी के आरोप में बीसी सखी समेत दो लोग गिरफ्तार

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बैंक अफसर बनकर खातों से रुपये उड़ाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए साइबर पुलिस ने पीलीभीत के रहने वाले सरगना बीसी सखी समेत दो बदमाशों को सोमवार भोर में राजापाल चौराहे से गिरफ्तार कर जेल भेजा। उनके पास से ठगी करने में प्रयुक्त होने वाला लैपटाॅप, स्कैनर समेत अन्य सामग्री बरामद हुई है। साइबर बदमाशों ने बैंक खातों में मोबाइल नंबर बदलकर, खाताधारकों की जानकारी चुराकर और यूपीआई आईडी बनाकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया था।
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अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी संजय राय ने बताया कि गिरोह बैंक के सदस्य बिजनेस करेस्पॉन्डेंट (बीसी) के रूप में काम करते हुए खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी करते हैं। पकड़े गए पीलीभीत जनपद के बीसलपुर के कंगवा निवासी सरगना प्रेमपाल बीसी सखी है। उसने अपने करीबी अनिल कुमार का मोबाइल नंबर शहर के रहने वाले कपिल नारायण मिश्रा के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते में लिंक करा दिया।
इसके बाद 24 अगस्त से लेकर 16 अक्तूबर 2024 के बीच धोखे से 2,28,000 रुपये निकाल लिए थे। पीड़ित की शिकायत पर दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने डिजिटल उपकरणों, जैसे फिंगर स्कैनर और लैपटॉप का इस्तेमाल कर बड़ी चालाकी से लाखों रुपये ट्रांसफर किए। गिरोह ने यूनियन बैंक के बिजनेस करेस्पॉन्डेंट (बीसी) के रूप में अपनी पहचान का गलत फायदा उठाया।
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पुलिस ने इनके पास से लैपटॉप, फिंगर स्कैनर और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पकड़े गए दोनों बदमाशों को पुलिस ने जेल भेजा। एएसपी ने अंजान नंबर से आने वाले फोन की जांच पड़ताल के बाद ही बैंक संबंधित जानकारी किसी को देने की बात कही।
साइबर अपराधियों से बचने का तरीका : ऐसे साइबर अपराधों से बचने के लिए लोग अपनी बैंकिंग जानकारी गोपनीय रखें, किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी या पिन साझा न करें, और बैंक खाते से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत बैंक या साइबर क्राइम थाने को दें। सतर्कता और जागरुकता ही सुरक्षा का सबसे अच्छा उपाय है।
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