छात्र की नृशंस हत्या से आक्रोशित व्यापारियोें ने मंगलवार की सुबह लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस के रवैए से आक्रोशित व्यापारी मौके पर मंत्री मोती सिंह, डीएम व एसपी को बुलाने और परिवार की आर्थिक मदद करने की जिद पर अड़े थे। व्यापारियों ने पुलिस की बात मानने से इनकार कर दिया। करीब चार घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम ने व्यापारियों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। तब जाकर जाम खत्म हुआ। उधर, पुलिस ने आरोपियों को किशोर न्यायालय भेज दिया।
लालगंज कोतवाली के सगरासुंदरपुर के रहने वाले किराना व्यापारी मदन केसरवानी का बेटा अंशू शनिवार को गायब हो गया था। सोमवार को टेढ़ुई मोड़ के पास सुभाष गुप्ता के मकान में उसका शव मिला था। पुलिस के मुताबिक, दो नाबालिग दोस्तों ने ही उसकी हत्या की थी। पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। रात में ही पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंच गया।
मंगलवार की सुबह घटना से आक्रोशित व्यापारियों ने लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर अंशू का शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस के रवैए को लेकर लोगों में गुस्सा था। परिजन मौके पर मंत्री मोती सिंह, डीएम व एसपी को बुलाने की मांग कर रहे थे।
मौके पर पहुंचे लालगंज कोतवाल ने व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई सुनने के लिए तैयार नहीं था। लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परिवार को 50 लाख की आर्थिक मदद, सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस, सरकारी नौकरी और बाजार के करीब अस्थायी पुलिस चौकी खोलने की मांग कर रहे थे। जानकारी मिलने पर एसडीएम लालगंज व सीओ मौके पर पहुंचे।
एसडीएम ने मांगें पूरी करने का भरोसा दिलाया। तब जाकर करीब चार घंटे बाद जाम खत्म हुआ। परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ऋंग्वेरपुर ले गए। सीओ लालगंज राममूरत सोनकर ने बताया कि हत्यारोपियों को किशोर न्यायालय भेजा गया है।
हाईवे पर आवागमन बंद होने से लगा लंबा जाम
सगरासुंदरपुर बाजार में जाम के चलते अयोध्या-वाराणसी राजमार्ग पर वाहनों का आवागमन ठप हो गया। भारी वाहनों के साथ चार पहिया वाहन जाम में फंसते चले गए। इस दौरान उधर से गुजरने वाले लोगों की प्रदर्शनकारियों से कहासुनी होती रही। दोनों ओर करीब तीन किमी लंबा जाम लगा रहा। बवाल की आशंका को देखते हुए पुलिस वाहनों को पहले ही रोकने लगी। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष जाकिर अली, सुनील, मदन समेत अन्य लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
क्राइम पेट्रोल सीरियल देख साथी को बंधक बनाकर रंगदारी मांगने की बनाई थी योजना
लालगंज कोतवाली के सगरासुंदरपुर के रहने वाले छात्र अंशू के दो नाबालिग दोस्तों ने क्राइम पेट्रोल सीरियल देखने के बाद उसके व्यापारी पिता से रंगदारी मांगने की योजना बनाई थी। दोनों आरोपियों ने पहले बीस लाख रुपये की डिमांड करने का प्लान बनाया था, मगर बाद में पांच लाख रुपये पर ही सहमति बनी थी। दोनों पार्टी के बहाने अंशू को बुलाकर ले गए। योजना फेल होते देख दोनों ने मिलकर ईंट व चाकू से हमलाकर अंशू को मौत के घाट उतार दिया।
सगरासुंदरपुर के रहने वाले व्यापारी मदन केसरवानी की किराने की दुकान है। मदन के जुड़वा बेटे अंशू व प्रिंसू के साथ कॉलेज में पढ़ने वाले दोस्त भी उनके घर आते-जाते थे। अंशू के घर दुकान और कारोबार देखकर उसके दो नाबालिग दोस्तों की नियत खराब हो गई। दोनों के परिवार की माली हालत ठीक नहीं है।
जिसके चलते वे अपने शौक पूरे नहीं कर पाते थे। पुलिस के मुताबिक, दोनों टीवी पर क्राइम पेट्रोल सीरियल व मारधाड़ वाली फिल्में अक्स देखते थे। इसके बाद दोनों ने मिलकर अंशू के पिता से बीस लाख रुपये रंगदारी मांगने का प्लान तैयार किया। हालांकि बाद में दोनों पांच लाख रुपये मिलने के बाद भी अंशू को आजाद कर देने पर सहमत हो गए थे। दोनों अंशू को बुलाकर टेढ़ुई पुलिया के पास सुभाष गुप्ता के मकान में ले गए।
वहां अंशू को बेहोश करने के लिए उसके सिर पर पीछे से ईंट से प्रहार किया। इस पर अंशू उनसे भिड़ गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चाकू से उसका गला रेत दिया। इसके बाद दोनों वहां से भाग निकले। सीओ लालगंज राममूरत सोनकर ने बताया कि दोनों आरोपियों ने क्राइम पेट्रोल सीरियल देखने के बाद घटना की योजना बनाई। जल्द अमीर बनने के चक्कर में उन्होंने कम उम्र में ही इतनी बड़ी वारदात कर डाली। दोनों आरोपियों को भरोसा था कि अंशू की जान खतरे में होने की बात सामने आते ही उसके पिता मुंहमांगी कीमत चुकाने के लिए तैयार हो जाएंगे।
लखनऊ के रहने वाले इमरान से था संपर्क
साथी की हत्या करने वाले दो आरोपियों में से एक सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय रहता था। लखनऊ के किसी इमरान से उसका संपर्क हो गया। वह उसके पास क्षेत्र की घटनाओं की सूचना भी भेजा करता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसे परिचय पत्र व आईडी भी मुहैया कराई गई थी। उसे साढ़े चार हजार रुपये का चेक भी मिला था। पिता मदनलाल व व्यापारी सीओ लालगंज से इसकी जांच कराने की मांग कर रहे थे।
बहन की साइकिल लेकर निकला था अंशू
सगरासुंदरपुर के रहने वाले व्यापारी मदनलाल केसरवानी का बेटा अंशू अपने साथियों के बुलाने पर शनिवार को घर से बहन की साइकिल लेकर निकला था। वह घर से दूर नहीं जाना चाहता था, मगर दोनों ने उसे झांसा देकर राजी कर लिया। एक आरोपी ने अंशू से बताया कि वहां उसका मकान है। तीनों मिलकर वहां पार्टी करेंगे। जिसके बाद साइकिल से तीनों घटनास्थल पर पहुंचे थे।
कोतवाली में सहमे नजर आए आरोपी
साथी की हत्या करने वाले दोनों आरोपी मंगलवार को कोतवाली में सहमे नजर आए। घटना में प्रयुक्त खून से सनी ईंट व चाकू को वे एक-दूसरे की बताने लगे।
सगरा सुन्दरपुर में छात्र का शव रखकर जाम लगाने के दौरान वाहनों की लगी कतार। संवाद- फोटो : PRATAPGARH
सगरा सुन्दरपुर बाजार में छात्र की हत्या के विरोध में शव रखकर व्यापारियों द्वारा जाम लगाये जाने क?- फोटो : PRATAPGARH