अंतू से अमेठी के बीच ट्रैक दोहरीकरण का कार्य कार्यदायी संस्था ने पूरा कर लिया है। इलेक्ट्रिक लाइन के साथ बृहस्पतिवार को सिग्नल टेस्टिंग का कार्य किया गया। शनिवार की सुबह सात बजे सीआरएस अंतू पहुंचकर ट्राली से रेलवे ट्रैक का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद अपने स्पेशल ट्रेन से स्पीड का ट्रायल करेंगे।
अमेठी से अंतू के बीच कई माह से रेलवे ट्रैक दोहरीकरण का कार्य चल रहा है। बीच में डीआरएम आकर निर्माण कार्य की जानकारी लेते हुए नाराजगी जताई थी। कार्यदायी संस्था ने 27 मार्च से दो अप्रैल तक ट्रेनों को निरस्त करने की मांग उठाई थी। जिसे डीआरएम ने हरी झंडी दे दी। कुछ ट्रेनों का रूट बदलने और कुछ को निरस्त कर दिया गया। अब जाकर ट्रैक बिछाने का कायऌ्यी पूरा हो चुका है। रेल विभाग के जेई राकेश कुमार ने बताया कि ट्रैक बिछाने का कार्य पूरा हो गया।
बृहस्पतिवार को ट्रायल किया गया। दो अप्रैल की सुबह मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त आएंगे। अमेठी से अंतू के बीच दोपहर दो बजे तक ट्राली से ट्रैक का निरीक्षण करेंगे। वह अपने स्पेशल ट्रेन से नए ट्रैक पर ट्रेनों की स्पीड जांचेंगे। सीआरएस की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद नए पटरी पर ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
विभाग द्वारा तीन अप्रैल के बाद अंतू से चिलबिला के बीच ट्रैक दोहरीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। दिसंबर तक जंघई तक यह कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि अधिकांश नाले और नदी रोड़ा बन रहे हैं। वहां पर पुल का निर्माण हो गया है। महज ट्रैक बिछाने और गिट्टी डलाने का कार्य ही बचा हुआ है।