प्रतापगढ़। गांव का मुखिया बनने में आरक्षण रोड़ा बना तो करीब साढ़े तीन सौ लोग विरोध करते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी के पास पहुंच गए हैं। उन्होंने प्रार्थना पत्र देकर विरोध जताया है। इसके निस्तारण में विभागीय अधिकारी जुट गए हैं। सबसे अधिक कुंडा से आपत्तियां मिली हैं।
वर्ष 2015 में गांव का सरपंच बनने का सपना पाले लोगों को जोर का झटका लगा है। पहली सूची में जो सीट पूर्व के आरक्षण के चलते चक्रानुक्रम में सामान्य सीट घोषित हो गई थी, आरक्षण नियमावली में फेरबदल के बाद वे सीटें आरक्षित हो गईं। इससे उन लोगों को जोर का झटका लगा, जो अनारक्षित सीट पर चुनाव लड़ने का सपना पाले हुए थे। जिला प्रशासन ने गांव के प्रधानों के आरक्षण की अनंतिम सूची प्रकाशित की, तभी से लोगों ने आरक्षण को चुनौती देते हुए अपने तर्कों के साथ आपत्तियां लेकर विकास खंड कार्यालय और जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में पहुंचना शुरू कर दिया।
कई लोगों ने ग्राम सभा की सीटों के आरक्षण का विरोध किया है तो कई लोगों ने अनारक्षित सीटों को आरक्षित करने की मांग की है। जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में करीब साढ़े तीन सौ आपत्तियां आई हैं। इसका निस्तारण किया जा रहा है। छह अक्तूबर को अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी। सबसे अधिक कुंडा से 80 प्रार्थना पत्र मिले हैं। डीपीआरओ कुंवर सिंह यादव ने बताया कि आपत्तियों का निस्तारित का कार्य अंतिम चरण में है। ग्राम सभा के आरक्षित सीटों में हेरफेर की बहुत कम संभावना है।
जिले में चार चरणों में मतदान होना है। इसके लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। आयोग ने कहा है कि प्रत्याशी और अभिकर्ता शांतिपूर्ण मतदान कराने में सहयोग करेंगे। फर्जी मतदान करने के लिए किसी को प्रेरित नहीं किया जाएगा। वोट डालने के लिए कोई भी मतदाता स्वयं या अपने परिवार के सदस्यों के लिए अपने निजी वाहन को मतदान केंद्र से सौ मीटर की परिधि के बाहर तक ही ले जा सकेगा। पर्चियों पर कोई निशान नहीं बना रहना चाहिए। मतदान केंद्र के करीब प्रत्याशी लघु आकार का बस्ता लगाएंगे। उस पर कोई झंडा, चुनाव निशान नहीं लगाएंगे। वहां पर अनावश्यक भीड़ भी नहीं लगेगी। किसी को खाद्य पदार्थ भी नहीं वितरित किया जाएगा। जिले के बाहर के रहने वाले लोगों को 24 घंटे पहले उस इलाके से बाहर जाना होगा।
दूसरे चरण के पंचायत चुनाव के लिए जमा किए गए नामांकन पत्रों की जांच कराने के लिए रविवार को प्रत्याशी समर्थकों संग डटे रहे। सोमवार को भी नामांकन पत्रों की जांच होगी। पहले चरण का चुनाव चिन्ह मिलते ही प्रत्याशी अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क कर रहे हैं। दूसरे चरण के लिए जिला पंचायत सदस्यों और बीडीसी सदस्यों के नामांकन पत्रों की जांच होनी थी। सुबह से सदर, मंगरौरा, मानधाता और संडवाचंद्रिका के साथ अफीम कोठी नामांकन स्थल पर प्रत्याशियों की खासी भीड़ जमा थी। वे अपने नामांकन पत्र की जांच कराने के लिए खासे परेशान थे। सबसे अधिक गहमागहमी अफीम कोठी और मानधाता विकास खंड में देखने को मिली। रविवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान पुलिस भी नहीं थी। इससे कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।