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Pratapgarh : साइबर ठगी करने वाले अंतराज्यीय गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार, पुलिस को मिली बड़ी सफलता

Fri, 11 Jul 2025 03:04 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़

सार

साइबर थाना और जनपदीय साइबर सेल प्रतापगढ़ ने 20 करोड़ रुपये से अधिक की ऑनलाइन गेमिंग, ट्रेडिंग और लोन एप के माध्यम से की जा रही अंतरराज्यीय साइबर ठगी का पर्दाफाश करने में सफलता हासिल की है।
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साइबर फ्रॉड करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार। - फोटो : संवाद।
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विस्तार
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साइबर थाना और जनपदीय साइबर सेल प्रतापगढ़ ने 20 करोड़ रुपये से अधिक की ऑनलाइन गेमिंग, ट्रेडिंग और लोन एप के माध्यम से की जा रही अंतरराज्यीय साइबर ठगी का पर्दाफाश करने में सफलता हासिल की है। इस मामले में तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर 16 राज्यों से जुड़ी 55 शिकायतों का निस्तारण किया। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया। 

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वादी मुकदमा आजम अली पुत्र इस्लाम निवासी ग्राम बीबीपुर थाना जेठवारा प्रतापगढ़ ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों के गिरोह के सदस्यों ने लोन दिलाने का लालच देकर खाता खुलवाया और खाते का उपयोग वह जालसाजी और साइबर अपराध के लिए कर रहे हैं। मुकदमा दर्ज कर पुलिस विवेचना करते हुए तीन आरोपियों को एटीएल ग्राउंड से दबोच लिया। 

एसपी ने बताया कि शिवम तिवारी पुत्र सूर्यप्रकाश तिवारी निवासी सगरा पूरे ओझा कोतवाली नगर प्रतापगढ़, अनुराग शुक्ला पुत्र राजेंद्र शुक्ला निवासी शुकुलपुर दहिलामऊ कोतवाली नगर प्रतापगढ़ और अंकित पाल पुत्र प्रभाकर पाल निवासी भंगवा चुंगी कोतवाली नगर प्रतापगढ़ ने पूछताछ में स्वीकार किया साइबर अपराध गेमिंग फ्रॉड, ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी तथा लोन व नौकरी के नाम पर सीधे साधे लोगों को झांसे में लेकर उनके खाते से पैसे निकाल लेते हैं। हमारा एक संगठित गिरोह है हमारे गिरोह के सक्रिय सदस्य शिवम व अनुराग हैं इनके द्वारा आम-जन मानस को झांसे में लेकर धोखे से उनके खाते खोलवाकर उनके खाते में अन्य किसी व्यक्ति के नाम पते पर सिम एक्टिवेट करके खाते से प्राप्त बैंकिग किट व एक्टिवेटड सिम हमें देते हैं
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घटना के बारे में एसपी ने दी जानकारी

हमारे अन्य साथी जो बिहार, असम, बंगाल तथा अन्य राज्यों में हैं। हम लोग मिलकर टेलीग्राम पर ग्रुप बनाकर ऐसे लोगों को चिह्नित करके जोड़ते हैं, जो गेमिंग व ट्रेडिंग एप में रुचि लेते हैं और शुरआती दौर में उनमें जब व थोड़ा पैसा इन्वेस्ट करते हैं तो उन्हें कुछ फायदा देते हैं इससे वो लालच में आकर और अधिक पैसा लगाते हैं फिर हम फर्जी एप जनरेट करके उसी एप में पैसा इन्वेस्ट कराते हैं और उनके पोर्टफोलियों में इन्वेस्ट किया गया धनराशि दो गुना प्रदर्शित करवाया जाता है।

पैसे के लालच  में आकर उनके द्वारा लाखों रुपया इन्वेस्ट किया जाता है जिसे हम लोग दूसरे खातों में स्थानांतरित कर आपस में बांट लेते थे। जब खाते फ्रिज हो जाते थे तो हम अपने गिरोह के सक्रिय सदस्यों द्वारा और खातों को मंगवाकर उनमें पैसे स्थानांतरित करा देते थे। आरोपियों के पास से बरामद दस्तावेज व मोबाइल का विश्लेषण किया गया तो बड़े पैमाने पर पैसे का स्थानांतरण पाया गया, जो 20 करोड़ से ऊपर है। महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली , तमिलनाडु, तेलंगाना, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश , केरल, छत्तीसगढ़ , आंध्र प्रदेश, कर्नाटका, उत्तराखंड, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उड़ीसा से संबंधित हैं। पूरे देश में इनके गिरोह के सदस्य फैले हुए हैं। 
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