अमर उजाला के अभियान अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल अभियान के तहत गुरुवार को एलायंस क्लब इंटरनेशनल के पदाधिकारियों ने मतदाता जागरूकता रैली निकाली। शहर में भ्रमण कर लोगों को मतदान के मायने बताए। शहर के दहिलामऊ स्थित कंपनी गार्डेन में आयोजित मतदाता जागरूकता गोष्ठी में शत-प्रतिशत मतदान के लिए लोगों को शपथ दिलाई।
एलायंस क्लब इंटरनेशनल के जोनल एडवाइजर समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य ने कहा कि सशक्त लोकतंत्र के लिए शत-प्रतिशत मतदान जरूरी है। हम सबका दायित्व है कि लोकतंत्र के इस महापर्व में लोगों को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक करें। उन्हेें बूथ पर पहुंचकर मतदान के लिए प्रेरित करें। उन्होंने 12 मई को मतदान के लिए लोगों को जागरूक करने का संकल्प दिलाया। महिला क्लब की अध्यक्ष अर्चना खंडेवाल ने कहा कि जब तक शत-प्रतिशत मतदान नहीं होगा, सही उम्मीदवार का चयन नहीं हो पाएगा। इसके पूर्व पदाधिकारियों ने शहर के दहिलामऊ, अंबेडकर चौराहा, राजापाल टंकी, मीराभवन मुहल्ले में भ्रमण कर चाचा- चाची भूल न जाना, मतदान करने जरूर जाना, 12 मई को जो सोएंगे, 5 साल तक रोएंगे जैसे नारों से लोगों को जागरूक किया। इस अवसर पर सुधा खंडेलवाल, ज्योति, रश्मि अग्रवाल, मिली खंडेलवाल, मधु, रचना, अंजली, विवेक, विजय प्रताप, पंकज, रेखा उमरवैश्य, रामबली, अर्चना पांडेय, अर्चना खंडेलवाल आदि मौजूद रहीं।
अमृत के समान है श्रीमद्भागवत कथा
क्षेत्र के पूरेनेवाजी गांव में गुरुवार को वैदिक मंत्रों के बीच सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। गाजे-बाजे के बीच कलश यात्रा निकाली गई। सिर पर कलश लिए कतारबद्ध महिलाओं ने गांवों का भ्रमण कर श्रीमद्भागवत कथा के महात्म्य का संदेश दिया। कथा के पहले दिन व्यास घनश्याम किशोर मिश्र महाराज ने कहा श्रीमद्भागवत कथा अमृत के सामान है। कथा श्रवण से न सिर्फ कलुषित भावनाओं का शमन होता है, बल्कि जन्म- जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं। कथा श्रवण करने वालों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने प्रेत योनि से त्रस्त धुंधकारी की मोक्ष प्राप्ति की कथा सुनाईं। बताया कि धुंधकारी अपने अपकर्मों के चलते प्रेत योनि मेें चला गया था। ऐसे में उसके भाई गोकर्ण ने व्यास पीठ पर बैठकर उसे श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराया। कथा के प्रभाव से उसे पे्रत योनि से मुक्ति मिल गई। मुख्य यजमान कृपाशंकर शुक्ल, अमरावती, दुर्गा, संतोष शुक्ल व उनकी धर्मपत्नी पुष्पा रहीं। इस अवसर पर अशोक शुक्ल, राकेश शुक्ल, नागेंद्र शुक्ल, बालेंद्र शुक्ल, विजय शुक्ल आदि मौजूद रहे।