मेराज हुसैन। फाइल फोटो
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रात में तीनों लोग भोजन करके सो गए। एक बजे से दो बजे के बीच पांचवीं मंजिल गिर गई, जिससे तीनों की दर्दनाक मौत हो गई। तीनों के शव को मुम्बई पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। देर शाम तीनों शवों को परिजनों को सौंप दिया गया। जिसमें शफीक का भिवंडी में मिट्टी दी गई। उप कैप्टन मेराज का शव करन पुर खूझी गांव लाया गया। तीसरे मेराज अहमद बंधवा बाजार का शव देर रात जहाज से लखनऊ आएगा सोमवार को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक किया जाएगा।
मर्चेंट नेवी के उप कैप्टन मेराज हुसैन के शव को दोपहर दो बजे करनपुर खूझी गांव स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक किया गया। उप कैप्टन मेराज हुसैन की मौत से हर कोई हतप्रभ था। पत्नी फरहीन बहराइच में ग्राम विकास अधिकारी हैं ।आठ महीने पहले मेराज हुसैन की शादी कंधई थाना क्षेत्र के मोलानी गांव निवासी असलम अंसारी की बेटी फरहीन के साथ हुई थी। घर से लेकर ससुराल तक रोने बिलखने से आसपास घरों में मातम छाया हुआ था। पिता अल्ताफ हुसैन मुम्बई ही रहकर टैक्सी चलाकर अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दी थी, जिसमें मेराज बड़ा बेटा था। मर्चेंट नेवी में नौकरी मिलने के बाद दूसरे बेटे भी नौकरी की तैयारी कर रहे थे।