धनतेरस पर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बेपटरी हो गयी। मंगलवार दोपहर से लेकर देर शाम तक दिन में पूरा शहर जाम में जकड़ा रहा। जाम में फंसकर गाड़ियां रेगतीं रहीं। आलम यह रहा कि साइकिल तो दूर पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। अतिक्रमण के साथ ही कई चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती न होने से लोगों को जाम से छुटकारा नहीं मिल सका। जाम का आलम यह रहा कि कुछ जगहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस भी लाचार नजर आयी।
शहर के बीच से गुजरे अयोध्या- प्रयागराज राजमार्ग की हालत बेहद खराब रही। जोगापुर से लेकर सोनावां तक जाम का नजारा दिखा। दोनों ओर से गुजरने वाले वाहन रेंगते नजर आए। लोगों को पांच मिनट का रास्ता तय करने में आधे घंटे से अधिक का समय लगा। यही हाल भंगवा चुंगी से लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय तक देखने को मिला। पंजाबी मार्केट, फलमंडी, चौक घंटाघर से लेकर आंबेडकर चौराहा तक जाम की समस्या से लोग परेशान रहे।
आंबेडकर चौराहा, चौक-कचहरी मार्ग पर त्योहार से जुड़ीं सामग्री की दुकानों के कारण खरीदारों की खासी भीड़ रही। शहर के कई हिस्सों में दुकानदारों की मनमानी के कारण भी जाम लगा रहा। भारी भीड़ के बीच ऑटो, ई -रिक्शा की आवाजाही की वजह सबसे ज्यादा जाम लगा। धनतेरस पर ट्रैफिक व्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई प्लान तैयार नहीं किया था। शहरियों को जाम से छुटकारा दिलाने के लिए यातायात पुलिस पूरी तरह से नाकाम रही। ट्रैफिक व सिविल पुलिस चौराहों तक ही सिमटी रही।
शहर के हर कोने में नजर आए ई-रिक्शा
दिवाली पर शहर में छोटे व बड़े दुकानदार अपने प्रतिष्ठान सजाते हैं। ग्राहकों की भीड़ के कारण जाम की समस्या से बचने के लिए व्यापारियों ने बैठक के दौरान चौक-कचहरी मार्ग पर ई-रिक्शा के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की थी। मगर आश्वासन के बाद शहर के हर मार्गों पर ई-रिक्शा घूमते रहे। जिससे जाम की समस्या बनी रही।
यातायात माह में भी नहीं संभली व्यवस्था
एक नवंबर से यातायात माह शुरू करने वाली ट्रैफिक पुलिस की तैयारी दूसरे दिन ही ध्वस्त हो गई। तीन दिनों तक दिवाली के पर्व पर शहर में जाम रोकने के लिए लिए ट्रैफिक पुलिस ने दावा किया था, मगर वह इसमें पूरी तरफ फेल रही। मंगलवार की सुबह राजापाल चौराहा, कोषागार, भंगवाचुंगी चौराहे पर पुलिस वाहन चालकों को यातायात का पाठ पढ़ाती दिखी और चारों तरफ जाम लगा रहा।