स्टेडियम में इस सत्र एकल खेलों की तरफ भी खिलाड़ियों का रुझान तेजी से बढ़ा है। क्रिकेट, कबड्डी, वाॅलीबॉल, फुटबाल और हैंडबॉल के साथ ही एथलेटिक्स, ताइक्वांडो, बैडमिंटन, कुश्ती में खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है।
बीते साल की तुलना में इस बार दोगुने खिलाड़ियों ने कुश्ती, बैडमिंटन, एथलेटिक्स में रुचि दिखाई। एक अप्रैल से शुरू हुए नए खेल सत्र में अभी तक एकल खेलों में खिलाड़ियों को समस्त सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं लेकिन जुलाई से खिलाड़ियों का समुचित सुविधाएं मुहैया होने की उम्मीद है।
बीते साल एकल खेलों में 105 बच्चों ने पंजीयन कराया। वहीं, इस साल 215 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। खिलाड़ियों के एकल खेलों के बढ़ते रुझान को देखते हुए खेल प्रशिक्षक भी उत्साहित हैं। लंबीकूद का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे माे. तौहीद ने बताया कि एकल खेलों में आप अपने दम पर सफलता अर्जित करते हैं।
वहीं, सामूहिक खेल में सभी खिलाड़ियों का प्रदर्शन मायने रखता है। इसी को देखते हुए मैंने एथलेटिक्स में पंजीयन कराया। वहीं, ताइक्वांडो खिलाड़ी समृद्धि शुक्ला ने बताया कि क्रिकेट समेत अन्य सामूहिक खेलों में अधिकांश खिलाड़ियों की रुचि होती है लेकिन एकल खेलों में भी अब खिलाड़ी आगे आ रहे हैं। ताइक्वांडो में भी इस बार बीते साल की तुलना में अधिक बच्चों ने प्रवेश लिया है।
जिला क्रीड़ा अधिकारी पूनमलता राज ने बताया कि इस साल बीते वर्ष की तुलना में दोगुने से अधिक खिलाड़ियों ने कुश्ती, ताइक्वांडो और बैडमिंटन के प्रशिक्षण के लिए पंजीयन कराया है। अब एकल खेल खिलाड़ियों को भाने लगे हैं।