दुकानों को खोलने और बंद करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जारी रोस्टर पहले ही दिन ध्वस्त हो गया। मना करने के बाद भी शहर के मॉल खुले रहे तो मिठाई की दुकानें सुबह से ही खुली थीं। पुलिसवाले दुकानों पर खड़े होकर दही-चलेबी का स्वाद लेते रहे। जबकि मॉल को आठ जून से खुलने का निर्देश दिया गया है।
लॉकडाउन के दौरान जिला प्रशासन ने जिलेभर की दुकानों को बंद करने और खोलने का रोस्टर जारी किया है। शुक्रवार को आदेश जारी होने के बाद शनिवार को साप्ताहिक बंदी कराने में पुलिस ने तेजी दिखाई, मगर रविवार को पुलिस की चुप्पी के चलते रोस्टर ध्वस्त हो गया।
पुलिस लाइन के सामने मिठाई की दुकानें सुबह से ही खुली रही, जबकि रोस्टर के मुताबिक प्रतिदिन दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक खुलनी है। शहर के कुछ मॉल भी खुले हुए थे। चौक, बाबागंज, सिनेमा रोड, मीराभवन चौराहा, अंबेडकर चौराहे की सभी दुकानें सुबह से ही खुली हुई थीं। दरअसल, अधिकांश दुकानदारों ने लॉकडाउन -5 का लाभ उठाते हुए दुकानें खोल दीं, जबकि इसका रोस्टर आठ जून से प्रभावी होगा। फिलहाल रविवार को शहर की सभी दुकानें खुली रहीं। पुलिस के अफसर शहर का भ्रमण करते रहे, मगर किसी ने बंद कराने की पहल नहीं की। एडीएम शत्रोहन वैश्य ने बताया कि लॉकडाउन -5 के लिए जो एडवाइजरी जारी होगी, वह आठ जून से प्रभावी होगी। इसलिए जो रोस्टर जारी किया गया है, वह सात जून तक प्रभावी रहेगा।
शहर में उमड़ी भीड़, सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ीं धज्जियां
शासन लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कह रहा है, मगर शहर में उमडने वाली भीड़ पर इसका कोई असर नहीं है। रविवार को सिनेमा रोड और चौक में इतने ग्राहक उमड़े कि जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। इधर रोक के बाद भी ई-रिक्शा के चलने से ग्राहकों को और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए लोगों से दो गज दूरी बनाने की प्रशासन अपील कर रहा है, मगर शहर में खरीदारी करने के लिए उमडने वाले ग्राहक यह भूल जा रहे हैं। रविवार की सुबह करीब नौ बजे का आलम यह था कि चौक और सिनेमारोड पर जाम की स्थिति बन गई थी। ई-रिक्शा के साथ कार और बाइक की अधिकता होने के कारण राहगीरों को काफी इंतजार करना पड़ा। मॉस्क नहीं लगाने और दो गज की दूरी बनाने में फेल रहने वालों को सामुदायिक संक्रमण से कैसे रोकने में सफलता मिलेगी। यह सवाल उठ खड़ा हुआ है। एडीएम शत्रोहन वैश्य ने कहा कि सामाजिक दूरी सभी के लिए आवश्यक है। इसका पालन नहीं करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है।