प्रवासी कामगारों को क्वारंटीन करने की व्यवस्था एक बार फिर से अनिवार्य कर दी गई है। अब अधिकतम तीन दिनों तक आश्रय स्थलों पर क्वारंटीन रहना होगा। इसके बाद घर जाने पर 21 दिन होम क्वारंटीन रहना होगा। इन तीन दिनों में जांच होने के बाद घर भेजा जाएगा।
गुजरात, दिल्ली से आने वाले प्रवासी कामगारों की जांच कराने के लिए एक बार फिर क्वारंटीन करने की व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है। अब बाहर से आने वाले लोगों को प्राथमिक स्कूल, ब्लाक, तहसील और जिला मुख्यालयों पर बने आश्रय स्थलों में कम से कम तीन दिन क्वारंटीन रखना होगा।
इन तीन दिनों में गहनता से जांच होगी और कोरोना के लक्ष्ण नजर आने पर स्लैब जांच के लिए भेजा जाएगा। पहले बाहर से आने वालों को 14 दिन क्वारंटीन किया जाता था, मगर बीच में यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई थी।
वर्तमान में जो व्यवस्था लागू थी, उसके मुताबिक बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों को थर्मल स्क्रीनिंग करके घर भेज दिया जाता था। इससे जहां ठीक से जांच नहीं हो पाती थी वहीं गांव में संक्रमण का खतरा बना रहता था।
एडीएम शत्रोहन वैश्य ने बताया कि अब बाहर से आने वाले लोगों को कम से कम तीन दिन आश्रय स्थलों में रहने के बाद 21 दिन घरों में क्वारंटीन रहने को कहा गया है।