सगरासुंदरपुर बाजार में घर के भीतर संदिग्ध दशा में एक साथ हुई तीन मौतों की गुत्थी सुलझने से पहले परिवार में बची एक मात्र वृद्ध महिला की भी मौत हो गई।
लीलापुर थाना के सगरा सुंदरपुर बाजार में बीते 25 जून की रात घर में एक ही बेड पर आशा देवी, उसके बेटे अंकित तथा बहू रिया की संदिग्ध दशा में मौत हो गई थी। परिवार में मृतक आशा की बुजुर्ग मां यशोदा देवी और उसका छह माह का मासूम नाती कार्तिक बच गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों मौत जहरीला पदार्थ के सेवन से होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद डॉक्टर ने बिसरा को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया।
दो महीने बाद भी इस रहस्यमय घटना का खुलासा लीलापुर पुलिस नहीं कर सकी और मामले को ठंडा बस्ते में डाल दिया। परिवार में बची वृद्ध महिला की दिमागी हालत और बीमारी को देखते हुए मासूम कार्तिक का ननिहाल के लोग पालन पोषण कर रहे हैं। पुलिस तीनों मौतों का खुलासा कर पाती, इससे पहले ही बृहस्पतिवार की रात बीमारी से जूझ रही 90 वर्षीय यशोदा देवी मौत हो गई।
रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने वृद्धा के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। सीओ आशुतोष मिश्र का कहना है कि मृतकों का बिसरा सुरक्षित किया गया है। अभी तक बिसरा रिपोर्ट पुलिस को नहीं मिल सकी है। जल्द ही रिपोर्ट आ जाएगी।