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Pratapgarh News: अब ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह के गुर्गों पर कसेगा शिकंजा

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बाबा बेलखरनाथ ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह पर शिकंजा कसने के बाद पुलिस अब उसके गुर्गों पर सख्ती करने की तैयारी में जुट गई है। ब्लॉक प्रमुख के मोबाइल की काॅल डिटेल खंगालते हुए उसके करीबियों पर कार्रवाई करने की कवायद प्रारंभ कर दी है।
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पट्टी रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर 21 जुलाई को हुए गोलीकांड के बाद ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह की मुसीबतें बढ़ती ही जा रही हैं। रिमांड के दौरान उनकी निशानदेही पर लाखों का नशीला पदार्थ एमडी बरामद हुआ। पुलिस की पूछताछ में एमडी खुद बेचने की बात भी स्वीकार की। ऐसे में पुलिस अब प्रमुख के करीबियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। उनके साथ रहने वाले करीब 35 लोगों की सूची बनाई गई है।
यही नहीं, ब्लॉक प्रमुख के पास करोड़ों की संपत्ति, लग्जरी कारें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान की भी छानबीन पुलिस व राजस्व विभाग की टीम गोपनीय तरीके से कर रही है। सीओ मनोज रघुवंशी का कहना है कि नशीले पदार्थ एमडी के काले कारनामे में शामिल प्रमुख के करीबियों के अलावा अन्य लोगों पर भी सख्त कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
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सिक्योरिटी गार्ड से ब्लॉक प्रमुख तक का सफर
ग्रामीणों के अनुसार प्रमुख के पिता फतेह बहादुर ने 1995 में आइसक्रीम फैक्टरी डाली थी। फैक्टरी दो साल में बंद हो गई। परिवार के गुजर बसर के लिए वह मुंबई चले गए। करीब 15 साल पहले ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह मुंबई में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। महज चार साल तक नौकरी करने के बाद वहां दोस्तों के साथ ब्याज व सूदखोरी का धंधा शुरू किए। इस दौरान उसके पास रुपये आ गए। वह अकेले कारोबार करने लगा।
लोगों को रुपये देते समय वाहन व संपत्ति गिरवी रख लेता। रुपये न मिलने पर वाहन घर उठा लाता था। वर्ष 2020 में सुशील ने राजनीति में कदम रखा। रामकोला से पिता को प्रधान पद पर चुनाव लड़ाया। जीत भी मिली लेकिन शपथ ग्रहण से पहले उनकी मौत हो गई। बाद में अपनी भाभी को निर्विरोध प्रधान बनवाने में कामयाब रहा। पूर्व मंत्री मोती सिंह के समर्थन से बेलखरनाथ ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जीता। कुछ ही वर्षों में उसकी संपत्ति में इजाफा होता चला गया। पुलिस करीब दो करोड़ की ऑडी कार समेत अन्य लग्जरी वाहन जब्त कर लिया है।


ड्रग तस्करी से नाम जुड़ते ही खास बनने वालों ने बना ली दूरी
ब्लॉक प्रमुख का नाम सीधे तौर पर एमडी तस्करी में सामने आने के बाद कभी खास बनने वालों ने दूरी बना ली है। उसके करीबी लवी शंकर मिश्रा को हरियाणा पुलिस चार माह पहले ही ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब प्रमुख पर पुलिस ने एमडी बेचने का मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल परिवार के लोग प्रमुख के एमडी बेचने की बात को असत्य बता रहे हैं।


समर्थक बता रहे साजिश
पुलिस प्रमुख को ड्रग तस्करी में शामिल मान रही है। प्रमुख से जुड़े लोग इस कार्रवाई को संदिग्ध बता रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि यह राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। बावजूद इसके, लगातार हो रहे खुलासों से ब्लॉक प्रमुख की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। प्रमुख का किसी से बातचीत का ऑॅडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमे प्रमुख अपने परिवार पर हो रही कार्रवाई व घटना को लेकर जारी सियासत पर दुख जता रहे हैं।
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