प्रेमी के साथ फरार हुई विवाहिता ने भरी पंचायत में पति के साथ जाने से इनकार कर दिया। दोनों पक्षों के बीच की पंचायत में हुए फैसले के पर अमल करते हुए 51 हजार रुपये जुर्माना देकर विवाहिता को प्रेमी अपने साथ ले गया। लाख मान-मनौवल के बाद भी विवाहिता प्रेमी संग जाने की जिद पर ही अड़ी रही। पंचायत में हुए समझौते के साथ ही पति के संग सात जन्म साथ निभाने का बंधन दो वर्ष में ही टूट गया।
सांगीपुर थाना क्षेत्र के भगौरा निवासी एक युवती की शादी दो वर्ष पूर्व उदयपुर थाना क्षेत्र के मुस्तफाबाद पूरे रैया में प्रदीप यादव पुत्र मुंदर यादव के साथ हुई थी। सालभर तो वह ससुराल में हंसी खुशी रही, लेकिन इस बीच मायके आते-जाते विवाहिता की पड़ोस के युवक से प्रेम हो गया। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्यार हो गया। प्यार परवान चढ़ा तो विवाहिता ने पति को छोड़ प्रेमी से साथ भागने का निर्णय ले लिया।
एक महीने पहले वह मायके आ गई और कुछ दिन रुकने के बाद प्रेमी के साथ फरार हो गई। बाद में वह प्रेमी के घर आकर रहने लगी। विवाहिता के प्रेमी के साथ चले जाने पर उसके ससुराल पक्ष व मायके पक्ष के लोगों के बीच कई बार बातचीत हुई। लेकिन कोई रास्ता नहीं निकल सका। इसके चलते मंगलवार की शाम सांगीपुर बाजार स्थित बाबा संतदास की कुटी पर दोनों पक्षों के बीच पंचायत तय हुई। पंचायत में दोनों पक्षों के लोगों के साथ ही विवाहिता अपने प्रेमी के साथ भी पहुंची। विवाहिता को पति के घर जाने के लिए समझाया गया, लेकिन वह कुछ सुनने को तैयार नहीं हुई। विवाहिता पति के घर जाने से इनकार करते हुए प्रेमी के साथ जीने-मरने की बात पर अड़ी रही।
उसकी जिद देख पंचायत में तय हुआ कि वर पक्ष को 75 हजार रुपये देने के बाद प्रेमी विवाहिता को साथ ले जा सकेगा। पंचायत के फरमान पर प्रेमी ने 51 हजार रुपये तत्काल विवाहिता के ससुराल पक्ष को दे दिए। बाकी पैसे देने के लिए प्रेमी ने पंचायत से तीन दिन की मोहलत मांगी। इसके बाद वह विवाहिता को साथ लेकर चला गया। सांगीपुर एसओ ने इस बारे से किसी प्रकार की जानकारी से इनकार किया है।