बाबागंज ब्लॉक मुख्यालय से प्रयागराज की दूरी 70 किमी है लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यह सफर महंगा और थकाऊ है। परिवहन निगम की इकलौती बस का संचालन पांच साल से बंद है।
बस बंद होने के बाद अब लोगों को कुंडा-मानिकपुर तक ऑटो, फिर दूसरी बस पकड़नी पड़ती है। यात्रियों का कहना है कि तीन बार गाड़ी बदलने में किराया दोगुना हो जाता है। निजी बस दो ही हैं और बस चालक मनमाना किराया लेते हैं।
बुजुर्ग बोले-
पांच साल से बस सेवा बंद है। अब प्रयागराज जाने के लिए पहले ई-रिक्शा, फिर मैजिक से कुंडा जाना पड़ता है और वहां से प्रयागराज के लिए बस मिलती है। इससे पैसा और खर्चा दोनों बढ़ गया है।
विजय बहादुर पटेल, जयचंदपुर
रोडवेज बस चलती थी तो दिनभर में संगम स्नान करके शाम को घर वापस आ जाता था। अब तो मुश्किल है। पहले 20 रुपये देकर बाबागंज जाना होता है फिर हीरागंज पहुंचें तब बीस रुपये देकर कुंडा, कुंडा से 105 रुपये देकर प्रयागराज पहुंच पाता हूं।
राम सुमेर, बाबागंज
वर्जन
सर्वे कराकर बाबागंज ब्लॉक से कुंडा के लिए रोडवेज बस का संचालन किया जाएगा। शुरुआती दौर में ट्रायल के रूप में चलाया जाएगा। यदि बस से निगम की आय बढ़ी तो इसे नियमित कर दिया जाएगा।
सत्य प्रकाश यादव, एआरएम।
विजय बहादुर पटेल