जिले के 29 सीएचसी में सीबीसी समेत कई जांचें रोजाना लिखीं जाती हैं। हजारों मरीज जांच के लिए सीएचसी स्थित पैथोलॉजी पहुंचते हैं लेकिन एलटी रीएजेंट खत्म होने की बात कहकर निजी केंद्रों पर भेज देते हैं। सीएचसी में मुफ्त में मिलने वाली सुविधा के लिए मरीजों और उनके तीमारदारों को जेब ढीली करनी पड़ती है।
निजी लैब में मरीजों की सीबीसी जांच 300 से 500 रुपये में होती है। मूलभूत सुविधाएं न मिलना जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रहा है। बेलखरनाथ, पट्टी, रानीगंज, महेशगंज, बाघराय, सुखपाल नगर, अमरगढ़, संडवाचंद्रिका, सांगीपुर सीएचसी पर पिछले एक सप्ताह से सीबीसी जांच बंद है।
मौसम में बदलाव से बुखार और लिवर इन्फेक्शन के मरीज बढ़े हैं। डॉक्टर सीबीसी लिख रहे हैं पर लैब में रीएजेंट नहीं है। कर्मचारियों का कहना है कि सीएमओ स्टोर से सप्लाई नहीं आ रही।
इस स्थिति में होती है सीबीसी जांच
थकान, कमजोरी, बुखार, ठंड लगना खून की कमी, ब्लीडिंग, इन्फेक्शन, ऑपरेशन से पहले स्क्रीनिंग, रक्त कोशिकाओं व प्लेटलेट्स की संख्या कम होने पर सीबीसी कराई जाती है।
बोले मरीज
नौ दिन से बुखार है, निजी केंद्रों पर जांच कराने के पैसे नहीं हैं। बेलखरनाथ सीएचसी में जांच नहीं हो रही है। इससे सही से इलाज नहीं हो पा रहा है। - चंपा देवी, रुदापुर
पहली बार जांच में प्लेटलेट्स कम थी। दोबारा जांच के लिए सीएचसी में मना कर दिया। निजी केंद्र पर 500 रुपये मांग रहे हैं। सीएचसी में मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। - राजकुमार शर्मा, विष्णुपुर कला
वर्जन-
रीएजेंट स्टोर में उपलब्ध है। जिन सीएचसी में खत्म है, वहां के अधीक्षक मांग पत्र के साथ आएं और रिएजेंट ले जाएं। मरीजों की जांच न होने की शिकायत मिली तो जिम्मेदार पर कार्रवाई होगी। - डॉ. एएन प्रसाद, सीएमओ।
रीजेंट केमिकल न होने से जांच केंद्र बाबा बेलखरनाथ सीएचसी में पसरा सन्नाटा
रीजेंट केमिकल न होने से जांच केंद्र बाबा बेलखरनाथ सीएचसी में पसरा सन्नाटा