पीसीएफ गोदाम से ढाई करोड़ रुपये की डीएपी के गबन के मामले में भंडार नायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस चुप बैठी है। अब तक उसका सुराग नहीं लग सका है। वहीं आर्थिक अपराध शाखा की टीम भी अब तक मुख्यालय नहीं आ सकी है। गोदाम से करोड़ों की खाद कहां गई, यह किसी को नहीं पता है।
सदर तहसील क्षेत्र के बड़नपुर गांव में पीसीएफ गोदाम है। सोमवार को अफसरों की जांच में गोदाम से करोड़ों रुपये की डीएपी के गबन का मामला उजागर हुआ। जांच के दौरान 1055 एमटी डीएपी का घोटाला सामने आया। गोदाम का प्रभार भंडार नायक संतोष कुमार पास था। गबन का मामला सामने आने के बाद वह फरार हो गया। पीसीएफ के जिला प्रबंधक धनंजय तिवारी ने उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मामले में जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल द्वारा गठित टीम बुधवार को पुलिस बल के साथ गोदाम पहुंची। अधिकारियों ने अपनी मौजूदगी में तीनों गोदामों का ताला कटवाया, मगर गोदाम में रखी खाद का आकलन नहीं हो सका। उधर, गोदाम का चार्ज लेने से कर्मचारी कतरा रहे हैं। कोई भी चार्ज लेने को तैयार नहीं है। ऐसे में गोदाम के गेट पर जिला प्रबंधक ने ताला बंद करा दिया। देर शाम खाद घोटाले को लेकर पीसीएफ के एमडी ने आर्थिक अपराध शाखा से जांच कराने की जानकारी दी।
तीन दिन बाद भी खाद घोटाले की जांच एक कदम आगे नहीं बढ़ सकी है। पुलिस शांत बैठी है। फरार चल रहे भंडार नायक संतोष को अब तक तलाश नहीं सकी है। बृहस्पतिवार को देर शाम तक आर्थिक अपराध शाखा की टीम मुख्यालय नहीं आई थी। एआर कोआपरेटिव अरविंद कुमार ने बताया कि विभागीय स्तर पर जो भी कार्रवाई की जानी थी, उसे पूरा कर लिया गया है।
पुलिस दे रही दबिश, हाथ नहीं लगा भंडार नायक
कोतवाली पुलिस गबन के आरोपी भंडार नायक संतोष कुमार की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस की टीम रानीगंज इलाके में स्थित उसके घर और रिश्तेदारियों में दबिश दे रही है। हालांकि अब तक वह पुलिस के हाथ नहीं आया है।
खाद गबन के मामले में भंडार नायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद उसकी खोजबीन की जा रही है। घर के साथ ही रिश्तेदारों के यहां दबिश दी जा रही है। अभय पांडेय, सीओ सिटी