स्थानीय थाना क्षेत्र के सवैया गांव की रहने वाली संतोषी (19) ने बृहस्पतिवार दोपहर कमरा बंदकर खुद को आग के हवाले कर लिया। कमरे से धुआं उठते देख पड़ोसियों ने शोर मचाया। कमरे का दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सवैया निवासी सत्यनारायण सोनी बृहस्पतिवार को मजदूरी करने फतनपुर गया था। बेटी संतोषी घर में थी। मां जानकी देवी बाहर बैठी थी। अचानक संतोषी ने कमरे का दरवाजा भीतर से बंदकर खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली। कमरे के पीछे से निकल रहे धुएं पर जब पड़ोसियों की नजर पड़ी तो लोग शोर मचाते हुए दौड़े। शोरशराबा सुनकर जानकी भी घर के भीतर दौड़ी। कमरे का दरवाजा भीतर से बंद था। आग की लपटों से घिरी संतोषी जान बचाने के लिए चीखती रही।
कमरे का सारा सामान भी जलकर राख हो गया। किसी तरह लोग दरवाजा तोड़कर भीतर घुसे और आग बुझाई। परिजन उसे सीएचसी रानीगंज ले गए, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मां जानकी देवी ने बताया कि संतोषी की तबियत खराब रहती थी। उसका इलाज चल रहा था। उसके आग लगाने की कोई वजह नहीं है।