कानपुर के बिकरू गांव में हिस्ट्रीशीटर के घर दबिश के दौरान गोलीबारी में जान गंवाने वाले शहीद दरोगा अनूप सिंह के नाम पर गांव में लगाया गया बोर्ड एक वर्ष से जमीन पर धूल फांक रहा था।
अमर उजाला के अंक में खबर प्रकाशित हुई, तो अफसरों की फटकार सुनकर दो थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और डैमेज कंट्रोल कर टूटे हुए बोर्ड को हटवा दिया। पुलिस ने शहीद के परिजनों को 24 घंटे के अंदर नया बोर्ड लगवाने का दावा किया है।
मानधाता थाना क्षेत्र के बेलखरी गांव के रहने वाले दरोगा अनूप सिंह 02 जुलई 2020 की रात कानपुर के बिकरू गांव में रहने वाले हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के घर टीम के साथ दबिश देने पहुंचे थे। फायरिंग में अनूप शहीद हुए थे। घटना के बाद गांव के पास ही लोक निर्माण विभाग ने स्मृति बोर्ड लगाया था।
बता दें कि स्मृति बोर्ड एक वर्ष से टूटकर गिरा गया था और कुछ भाग बचा हुआ था। इस बोर्ड की मरम्मत कराने की मांग गांव के प्रधान की ओर से ब्लाक के अधिकारियों व लोक निर्माण विभाग के अफसरों से कई बार की गई। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई थी।
अमर उजाला समाचार पत्र में बृहस्पतिवार के अंक में खबर प्रकाशित होने पर एसपी सतपाल अंतिल ने जेठवारा व मानधाता थाने की पुलिस ब्लाक के कर्मचारियों से जेसीबी लेकर गांव पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले फजीहत से बचने को आनन- फानन में टूटा हुआ शहीद के नाम का बोर्ड हटवा दिया।
पुलिस ने शहीद दरोगा अनूप सिंह के पिता रमेश बहादुर सिंह से मुलाकात भरोसा दिया है कि शुक्रवार को शाम तक नया बोर्ड लग जाएगा। पुलिस की फटकार के बाद ग्राम प्रधान ने सफाईकर्मियों की मदद से शहीद के घर के रास्ते की सफाई भी कराया है।