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शव को न दफनाने से परिजन किए इनकार, खबर मिलते ही पहुंचे उच्चाधिकारी

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मानधाता। मानधाता थाना क्षेत्र के खरवई गांव निवासी युवक की चिलिबला ओवरब्रिज पर बोलेरो की टक्कर से हुई मौत के मामले में परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार शाम शव घर पहुंचने के बाद परिवार के लोग आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। खबर पाकर पहुंचे पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने उन्हें मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह तैयार नहीं हुए। चौबीस घंटे बाद रविवार शाम सात बजे नौ आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद वह अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इस पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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खरवई निवासी मो. खलिक (20) पुत्र स्व. अब्दुल मजीद बीते शुक्रवार को दो महिलाओं के साथ बाइक से डाक्टर के पास जा रहा था। चिलबिला ओवरब्रिज पर सामने से आई बोलेरो ने उसे टक्कर मार दी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। डाक्टरों ने उसे प्रयागराज रेफर कर दिया। प्रयागराज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार शाम शव घर पहुंचने पर परिवार के लोगों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। बड़े भाई शहजाद ने आरोप लगाया कि खलिक की हत्या की गई है। बोलेरो से टक्कर मारने के बाद उसमें सवार लोगों ने लोहे की राड से उसे पीटा। साथ रहीं महिलाओं के शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचे तो बोलेरो सवार भाग निकले।
उसका कहना था कि उसके बड़े भाई की बीते मार्च माह में हत्या कर दी गई थी। चार हत्यारोपी जेल में हैं, जबकि चार लोग फरार चल रहे हैं। वे लगातार खलिक पर समझौता करने के लिए दबाव बना रहे थे। सुलह न करने पर उसे जान से मारने की धमकी दे रहे थे। उन लोगों ने ही ख्रलिक की हत्या की है। शहजाद की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही इरफान, कलाम, अद्धे, लाला, निजामउद्दीन, रियाजुद्दीन, कल्लू, शमीम व हजारा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद शाम सात बजे परिजन खलिक का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हुए। मौके पर मौजूद एसडीएम रानीगंज ने परिजनों को जमीन का पट्टा, आर्थिक मदद के साथ ही शस्त्र लाइसेंस दिलाने का आश्वासन दिया।
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