बृहस्पतिवार दोपहर आसमान में डेरा जमाए बादलों ने झमाझम बरसात की। एक घंटे की बारिश से पूरा शहर पानी से लबालब हो गया। नालियां और नाले चोक होने के चलते शहर में भीषण जलभराव हो गया। सड़कें, गलियां सब डूब गईं। कई मोहल्लों में घुटने तक पानी जमा था।
सरकारी कार्यालयों, जिला अस्पताल, स्कूलों और दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। दिनभर लोग पानी निकालते रहे। कुल 57 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।
बृहस्पतिवार सुबह धूप खिली थी। उमसभरी गर्मी से लोग परेशान थे। दोपहर में अचानक आसमान में बादलों की सक्रियता बढ़ गई। काले बादलों ने आसमान को ढक लिया। दोपहर करीब पौने एक बजे झमाझम बारिश शुरू हो गई। एक घंटे की बारिश से पूरा शहर लबालब हो गया।
गली, मुहल्ले, संपर्क मार्ग, सरकारी कार्यालय, स्कूलों के साथ ही घरों एव दुकानों में पानी घुस गया। स्टेशन रोड पर भारी जलभराव हो गया। पल्टन बाजार, चंपा सुर्ती रोड पर भीषण जलभराव रहा। दुकानों व घरों में जलभराव से लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
आजाद नगर, बेगम वार्ड, दहिलामऊ, शिवजीपुरम में भी जलभराव की समस्या रही। इधर एसपी ऑफिस में जलभराव होने से अफसरों के चैंबर में पानी घुस गया। कचहरी में भी जलभराव रहा। एसपी ऑफिस, मेडिकल कॉलेज में भी जलभराव हो गया।
बारिश के दौरान लोग घरों में कैद रहे। दुकानों व घरों से लोग पानी निकालते रहे। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि 57 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। अधिकतम तापमान 34.5 व न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
प्रताप बहादुर अस्पताल में भरा पानी
बृहस्पतिवार को दोपहर में झमाझम बारिश से प्रताप बहादुर अस्पताल में भीषण जलभराव हो गया। ओपीडी से सर्जिकल वार्ड तक बारिश का पानी घुस गया। इससे मरीजों एवं तीमारदारों में अफरातफरी मच गई। तीमारदार सामानों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में जुटे रहे। बारिश बंद होने के बाद मरीजों एवं तीमारदारों ने राहत की सांस ली। शाम चार बजे के बाद जलनिकासी हो पाई।