अर्चना एक्सप्रेस से गिरे युवक-युवती के शव को लेकर रात में ही परिजन पंजाब रवाना हो गए। पुलिस की जांच में मामला दुर्घटना का निकला। युवती के सिग्नल से टकराने के बाद कोच की खिड़की का कांच टूटा था। आधी रात तक घटनास्थल पर आरपीएफ और जीआरपी छानबीन करती रही।
पंजाब प्रांत के फगवाड़ा के रहने वाले बलदेव सिंह अपने परिवार व रिश्तेदारों के साथ मंगलवार की रात अर्चना एक्सप्रेस से पटना से पंजाब घर लौट रहे थे। सभी लोग पटना साहिब दर्शन करने गए थे। अर्चना एक्सप्रेस का एसी कोच बी फोर बलदेव के परिवार के लोगों ने बुक कराया था। उसके साथ नातिन मगनदीप कौर (25) बर्थ नंबर 10 पर बैठी थी।
जगेशरगंज स्टेशन से एक किमी पहले ही अचानक एसी कोच के बी फोर की खिड़की टूटने के साथ ही मगनदीप और उसी कोच में बैठे अर्शदीप सिंह (28) पुत्र जसविंदर कौर रमगढ़िया मोहल्ला जीटी रोड गुराया जालंधर के गिरने पर लोग शोरशराबा करने लगे। चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी गई। दोनों को जिला अस्पताल लाया गया।
जहां डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। स्थानीय लोगों की मदद से रात में ही मगनदीप और अर्शदीप के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। परिवार व रिश्तेदार रात में ही शवों को लेकर पंजाब के लिए रवाना हो गए। जीआरपी एसओ फूल सिंह ने बताया कि युवक-युवती दोनों दरवाजे पर गए थे। जहां से अचानक गिर गए।
परिवार के लोग भी घटना से पूरी तरह अनभिज्ञ थे। गिरने के दौरान सिग्नल के पोल से टकराने के बाद युवती का शव कोच की खिड़की से टकराया होगा। जिसकी वजह से खिड़की का कांच टूट गया होगा। उन लोगों के पहुंचने के पहले ही अर्चना एक्सप्रेस को रवाना किया जा चुका था।