सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार सिंह की कोर्ट ने जानलेवा हमला और दहेज हत्या के आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
अंतू थाना क्षेत्र के मझिलहा गांव के जानलेवा हमले के मामले में आरोपी सत्यम सिंह के जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान कोर्ट में राज्य की ओर से पैरवी करते हुए डीजीसी योगेश कुमार शर्मा एवं एडीजीसी क्रिमिनल विक्रम सिंह ने बताया कि आरोपी ने 16 अगस्त 2022 एक ढाबे पर मारपीट करते हुए फायर कर दहशत फैलाई थी।
कोर्ट ने दलीलों को सुनकर आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। वहीं, दूसरी ओर कंधई थाना क्षेत्र के ताला गांव के दहेज हत्या के आरोपी रामकुमार बहेलिया के जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान डीजीसी योगेश कुमार शर्मा एवं एडीजीसी क्रिमिनल विक्रम सिंह ने बताया कि बधई बहेलिया की ओर से दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर बताया गया था कि 5 जून 2022 को आरोपी के बेटे अरविंद के साथ उसकी बेटी मंजू का विवाह हुआ था।
दहेज प्रताड़ना के चलते 15 जुलाई 2022 को बेटी संदिग्ध दशा में चोटिल हुई। इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के निशान आए थे। कोर्ट ने दलीलों को सुनकर आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
सीओ सदर से कोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण
अपर जनपद न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो पंकज कुमार श्रीवास्तव ने सीओ सदर को 7 सितंबर 2022 को न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। एक महिला ने प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि थाना महेशगंज में दर्ज मुकदमे में सीओ सदर व अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी उसे पुलिस कार्यालय में बुलाकर मुकदमा समाप्त करने कादबाव बना रहे थे। कहा कि यदि मुकदमा वापस नहीं लोगी तो तुम्हारे खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजवा दूंगा।