महंगाई की मार से खाद्य पदार्थों के दाम सातवें आसमान पर है। आम आदमी की भोजन की थाली महंगी होती जा रही है। ऐसे में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली बालिकाओं के डाइट की धनराशि भी शासन ने बढ़ा दी है। हालांकि बढ़ाई गई धनराशि महज छह रुपये ही है। इस महंगाई में बढ़ी हुई धनराशि ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर ही है।
जिले में 15 कस्तूबरा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। इन विद्यालयों में पंजीकृत 1700 बालिकाएं अध्ययन कर रही हैं। विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं के डाइट के लिए अब विभाग ने धनराशि बढ़ा दी है। अब तक एक बालिका को प्रतिदिन की डाइट के लिए 60 रुपये मिलते थे। उसे बढ़ाकर अब 66 रुपये कर दिया गया है।
बजट को लेकर प्रोजेक्ट एडवाइजरी बोर्ड ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं की पढ़ाई के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य को लेकर भी विभाग चिंतित है। विद्यालय में पढ़ने वाली बालिकाओं के डाइट चार्ट में सुबह के नाश्ते के साथ दोपहर और रात का खाना शामिल है। नाश्ते में दूध, अंडा, मौसमी फल के साथ दूसरे पौष्टिक आहार पोहा आदि को शामिल किया गया है।
दोपहर के खाने में चावल, दाल, सब्जी, रोटी और सलाद दिया जाता है। जबकि रात के खाने में सब्जी, रोटी के साथ मीठे व्यंजन भी दिए जाते हैं। फिलहाल विभाग की ओर से बढ़ाई गई डाइट की धनराशि बहुत अधिक नहीं है। बढ़ी हुई धनराशि से डाइट के खर्च में सहूलियत होगी। बीएसए भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बालिकाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभाग ने डाइट का पैसा बढ़ाया है।