वादी मुकदमा धीरज कुमार यादव ने 20 सितंबर 2015 को रानीगंज थाने में केस दर्ज कर बताया था कि उसके बड़े पिता शारदा यादव की लड़की की शादी घटना से दो वर्ष पहले दीपक यादव के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही उसकी चचेरी बहन बेबी यादव को उसके पति दीपक सहित ससुराल के अन्य लोग बाइक सहित दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे।
अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी कुंदन किशोर ने दहेज उत्पीड़न व दहेज हत्या के आरोप में दोषी पाते हुए रानीगंज इलाके के इमलीडाड़ गांव के मृतका के पति दीपक कुमार यादव को दस साल की कैद व सात हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वादी मुकदमा धीरज कुमार यादव ने 20 सितंबर 2015 को रानीगंज थाने में केस दर्ज कर बताया था कि उसके बड़े पिता शारदा यादव की लड़की की शादी घटना से दो वर्ष पहले दीपक यादव के साथ हुई थी।
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शादी के बाद से ही उसकी चचेरी बहन बेबी यादव को उसके पति दीपक सहित ससुराल के अन्य लोग बाइक सहित दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। 20 सितंबर 2015 को वादी की सूचना मिली कि उसकी बहन की तबीयत ज्यादा खराब है। वह बहन की ससुराल पहुंचा तो मृतका बेबी की लाश जली अवस्था में कमरे में मिली थी। कोर्ट में इस मामले में पैरवी एडीजीसी अनिल कुमार मिश्र ने की।