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निलंबित एसडीएम गए लखनऊ, मंडलायुक्त ने मांगे साक्ष्य

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शुक्रवार को डीएम आवास पर अफसरों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर धरने पर बैठने वाले निलंबित एसडीएम विनीत उपाध्याय रविवार को लखनऊ रवाना हो गए। निलंबन के बाद उन्हें राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया है।
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उधर, मामले में जांच अधिकारी बनाए प्रयागराज के मंडलायुक्त आर रमेश कुमार ने एसडीएम से आरोपों की बाबत साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए कहा है। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि लालगंज के असरही गांव में हुए डेढ़ सौ से अधिक पट्टों की जांच के मामले में तेजी आएगी।
जिले में अतिरिक्त एसडीएम के रूप में तैनात विनीत उपाध्याय शुक्रवार को एडीएम और सदर एसडीएम पर भ्रष्टाचार करने और डीएम पर इन्हें संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी आवास पर पत्नी के साथ धरने पर बैठ गए थे।
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वह करीब साढ़े चार घंटे तक धरने पर बैठे रहे। इस दौरान फोन पर उनकी मंडलायुक्त आ रमेश कुमार से बात हुई। देर शाम मामले की जानकारी होने पर शासन ने एसडीएम को निलंबित कर दिया। इस पर वह रविवार को लखनऊ रवाना हो गए।
मामले में जांच अधिकारी बनाए मंडलायुक्त ने उनसे वरिष्ठ अफसरों पर लगाए आरोपों की बाबत साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए कहा है। जिलाधिकारी डॉ. रूपेश कुमार ने बताया कि असरही में हुए सारे पट्टे निरस्त कर दिए गए थे। इस मामले में आरोपी लेखपाल को सस्पेंड किया गया था। कानूनगो रिटायर हो गए हैं। उनकी पेंशन और फंड रुका हुआ है। नायब तहसीलदार, तहसीलदार और तत्कालीन एसडीएम के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। पट्टा निरस्त होने के बाद पट्टाधारकों ने मंडलायुक्त के यहां अपील की है।
सस्पेंड लेखपाल हो गया बहाल
डीएम आवास पर धरना देेने वाले एसडीएम विनीत उपाध्याय ने लालगंज के असरही गांव में डेढ़ सौ से अधिक पट्टे फर्जी ढंग से किए जाने का आरोप लगाया था। वर्ष 2018 में तत्कालीन कानूनगो रामशंकर पांडेय और लेखपाल केके सरोज ने प्रधान से मिलकर आवासीय और कृषि के 150 पट्टों की पत्रावली तैयार की।
तहसीलदार अनिल कुमार यादव के हस्ताक्षर के बाद नवंबर 2018 तत्कालीन एसडीएम दिनेश मिश्र के सामने पत्रावली पेश की गई, लेकिन उन्होंने संख्या ज्यादा देखकर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। उनके बाद एसडीएम बने मोहनलाल गुप्ता ने पट्टों की पत्रावलियों पर हस्ताक्षर कर दिए। हालांकि शिकायत के बाद पट्टे प्रशासन ने निरस्त कर दिए। उनके एसडीएम बने विनीत उपाध्याय ने इसी मामले में धांधली का आरोप लगाते हुए अफसरों को पत्र लिखा था।
बीएसए और डीआईओएस ने अभी नहीं दी रिपोर्ट
निलंबित एसडीएम विनीत उपाध्याय ने लालगंज में ही स्कूलों के संचालन में भी फर्जीवाड़े का आरोप लगाया था। लालगंज के धधुआ गाजन में जमीन की खतौनी दिखाकर प्राइमरी और जूनियर कक्षाओं की मान्यता हासिल की गई थी।
बाद में इसी खतौनी के आधार पर हाईस्कूल और इंटर की भी मान्यता ली गई। मान्यता लेने के बाद विद्यालय लालगंज कस्बे में संचालित किए जा रहे हैं। पहले यह जगह सांगीपुर ग्राम पंचायत में आती थी। बाद में इसे लालगंज नगर पंचायत में शामिल कर लिया गया। डीएम डॉ. रूपेश कुमार ने बताया कि इस मामले में बीएसए और डीआईओएस से जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है। अभी रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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