संग्रामगढ़ इलाके में स्वागत द्वार से डंपर टकराने के बाद हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले चालक , मिस्त्री ने एक साथ नौकरी शुरू की थी। पंद्रह साल साथ काम करने के बाद मंगलवार की रात साथ ही जान दुनिया से विदा हो गए। दोनों शवों का पोस्टमार्टम भोर में ही हो गया। चालक का शव घर पहुंचने पर कोहराम मच गया। घटना को लेकर अभी किसी पक्ष ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है।
संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के ब्लाॅक बाभन की बखरी के समीप से निकल रहे गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण में लगी कार्यदायी संस्था में पंद्रह वर्ष पहले मानधाना थाना क्षेत्र के जूड़ापुर धनसारी निवासी रमाकांत यादव ने डंपर चालक व प्रयागराज के मऊआइमा थाने के महमदपुर निवासी मो. फरहान ने मिस्त्री के रूप एक साथ काम शुरू किया।
इस दौरान कार्यदायी संस्था को जहां निर्माण का जिम्मा मिला, दोनों साथ काम करने जाते थे। इधर, ब्लाॅक के समीप निर्माण में लगी तीन डंपर की ट्राली का हाईड्रोलिक मिट्टी की ढुलाई के दौरान मंगलवार को खराब हो गया। जानकारी पर शाम को मिस्त्री फरहान साइट पर पहुंचा था। दो डंपर की हाईड्रोलिक ठीक कर गोदाम पर भेज दिया। तीसरे डंपर की हाईड्रोलिक ठीक करने के बाद चालक रमांकात व मिस्त्री फरहान वापस गोदाम पर लौट रहेे थे।
रात पौने दस बजे हाईड्रोलिक की टेस्टिंग के दौरान ब्लाॅक के बगल रानीगंज कैथौला की ओर जाने वाले मार्ग पर बने स्वागत द्वार में हाईड्रोलिक पर ऊपर उठी ट्राली की टकरा गर्ई। जिससे स्वागत द्वार का मलवा केविन पर गिर गया। हादसे में चालक व मिस्त्री की मौत हो गई। पुलिस ने रात में ही शव का पोस्टमार्टम कराया और भोर में चालक व मिस्त्री का शव उनके घर भेज दिया।
इधर, चालक रमाकांत का घर उसके घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। मृतक के तीन बेटी व दो बेटे हैं और सभी की शादी हो चुकी है। संग्रामगढ़ एसओ ने बताया कि घटना को लेकर अभी किसी ने तहरी नहीं दी है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।