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हादसा : रफ्तार ने खत्म कर दीं चार दोस्तों की जिंदगियां, घटना के समय 140 किमी रफ्तार से चल रही थी कार

Thu, 31 Mar 2022 09:59 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

शहर के पल्टन बाजार निवासी मुर्तजा खान का बेटा इरशाद उर्फ गोलू अपने पिता के कारोबार में हाथ बंटाता था। उसने मेरठ के रहने वाले एक व्यक्ति से फेसबुक पर एसेंट कार का सौदा किया था। 
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सड़क हादसे में मृत बाएं लुकमान राईन, दूसरे अबूबकर और तीसरे इरशाद। फाइल फोटो - फोटो : प्रतापगढ़
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर तेज रफ्तार ने पलभर में चार दोस्तों की जिंदगियां खत्म कर दीं। घटना के समय कार इरशाद चला रहा था। चारों पूर्वांचल एक्सप्रेस पर रफ्तार के बीच अपने दूसरे दोस्तों को वीडियो भी भेज रहे थे। घटना के दौरान कार की स्पीड 140 किमी प्रति घंटा के आसपास थी। 


शहर के पल्टन बाजार निवासी मुर्तजा खान का बेटा इरशाद उर्फ गोलू अपने पिता के कारोबार में हाथ बंटाता था। उसने मेरठ के रहने वाले एक व्यक्ति से फेसबुक पर एसेंट कार का सौदा किया था। चारों दोस्तों ने आपस में बातचीत कर कार लेने के साथ ही लखनऊ में कारोबार के सिलसिले में आर्डर देकर कुछ सामान लाने की तैयारी कर ली। इसके लिए मेडिकल स्टोर संचालक शमीम के बेटे इमरान के साथ बुधवार को लखनऊ निकलने की बात तय हो गई।


परिवार के लोगों को पता था कि इरशाद सभी के साथ कार से लखनऊ जाएगा। वहां से वह बस पकड़कर मेरठ जाता। बुधवार की शाम साढ़े चार बजे कार से इमरान, इरशाद, अबू बकर व लुकमान एक साथ निकले। इरशाद के परिवार वालों के अनुसार, उसने ढाई लाख रुपये लिए थे। इरशाद कार चला रहा था। आगे उसके बगल में अबू बकर बैठा था। आखिरी समय का जो 30 सेकंड का वीडियो इरशाद के मोबाइल से बना था, उसे कुछ दोस्तों के पास भेजा गया था। उसमें कार की स्पीड करीब 140 किमी प्रति घंटा दिखाई दे रही है। चारों के पास कुल छह मोबाइल थे।


स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे पर एक डंपर मुड़ रहा था। रफ्तार तेज होने के कारण कार अनियंत्रित होकर डंपर से जा भिड़ी। घटना के बाद परिवार के लोग पहुंचकर छानबीन करने लगे। कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। स्थानीय पुलिस ने बताया कि इरशाद की जेब से पांच-पांच सौ के नोटों के तीन बंडल मिले। जबकि उसके पास ढाई लाख रुपये कैश थे। तीनों बंडल में भी रुपये कम हैं। एक मोबाइल भी गायब था। चारों के पर्स गायब थे। 
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सड़क हादसे में युवकों की मौत के बाद जुटी भीड़। - फोटो : प्रतापगढ़
जिंदगी भर थामे रहे हाथ, एक साथ हुए सुपुर्द-ए-खाक 

शहर के पल्टन बाजार मोहल्ले में दो दशक पहले अलग-अलग घरों में चार बच्चों की किलकारी गूंजी थी, मगर उनका बचपन साथ बीता था। उनकी दोस्ती की लोग मिसाल देते थे। जिंदगी की सांस थमने के बाद भी उनकी दोस्ती को देखते हुए परिवार के लोगों ने तीन दोस्तों को अगल-बगल दफनाया। एक साथी को परिवार वालों की कब्र के बगल दफनाया गया।


पल्टन बाजार निवासी इरशाद उर्फ गोलू, इमरान, लुकमान और अबू बकर भले ही उम्र में कुछ छोटे बड़े थे, मगर समय के साथ जब वे बड़े हुए तो उनकी दोस्ती मोहल्ले के लोगों के लिए मिसाल बन गई। काम से फुर्सत मिलने के बाद वे घंटों बातचीत करते थे। एक-दूसरे की खुशियां और गम भी बांटते थे। परिवार के लोगों की रजामंदी मिलने के बाद लखनऊ, प्रयागराज समेत अन्य जगहों पर साथ घूमने जाते थे।


कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान चारों दोस्तों ने लगातार लोगों की सेवा की। परेशान लोगों को भोजन उपलब्ध कराया। परिवार के साथ ही आसपास के घरों में संक्रमित मरीज मिलने पर चारों दोस्त मदद के लिए रात में निकल पड़ते। फल, खाद्यान्न समेत अन्य सामग्री भी पहुंचाते रहे। चारों की दोस्ती को देखते हुए देर रात चांदतारा कब्रिस्तान में एक साथ जनाजा की नमाज अदा करने के बाद उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इमरान, इरशाद व लुकमान को अगल-बगल दफनाया गया। जबकि अबू बकर को कुछ दूरी पर परिवारवालों की कब्र के बगल दफनाया गया।
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सड़क हादसे में युवकों की मौत के बाद जुटी भीड़। - फोटो : प्रतापगढ़
मासूम बेटे के सिर से छिन गया पिता का साया
शहर के पल्टन बाजार निवासी इरशाद उर्फ गोलू अपने पिता की आलमारी के कारखाने पर काम-काज देखता था। इरशाद तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी एक बहन है। जिसकी शादी हो चुकी है। इरशाद का मझला भाई 2010 में गायब हो गया। जिसकी कोई जानकारी नहीं मिली। इरशाद की शादी 2017 में हुई थी। उसका डेढ़ साल का बेटा कबीर है। जिसके सिर से पिता का साया छिन गया। इरशाद की मौत से पत्नी व मां संग परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रो कर बुरा हाल है। उधर, हादसे में जान गंवाने वाले इमरान के चार भाई हैं। इमरान पांच भाइयों में चौथे नंबर पर था। वह अपने पिता के साथ मेडिकल स्टोर पर रहता था।



चार माह के मासूम बेटे को देख हर किसी की भर आईं आंखें
हादसे में मरे लुकमान का दो भाइयों में बड़ा था। उसकी एक बहन भी है। लुकमान की शादी वर्ष 2019 में हुई थी। उसका चार माह का दुधमुंहा बेटा है। हादसे की खबर मिलने के बाद घर में चीखपुकार मच गई। लुकमान की सब्जी मंडी में कास्मेटिक की दुकान है। मासूम बच्चे को देखने के बाद हर किसी आंखों से आंसू बहने लगे। उधर, हादसे में मरे अबू बकर के दो भाई और आठ बहनें हैं। बहनों की शादी हो चुकी है। भाइयों की अभी शादी नहीं हुई है। अबू बकर की मौत से परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है।


जाम को देखते हुए बड़े वाहनों के प्रवेश पर लगी रोक
पल्टन बाजार मोहल्ले के चार दोस्तों के मौत की खबर रात में मिलने के बाद हर कोई परिवार व आसपास के लोगों से जानकारी करने के लिए प्रयास करता रहा। बृहस्पतिवार की सुबह मोहल्ले में चार परिवारों का गम साझा करने के लिए भारी भीड़ आती-जाती रही। जिससे जाम की समस्या पैदा होने लगी। जानकारी के बाद सीओ सिटी अभय पांडेय ने इस मार्ग पर बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगवा दी। ताकि जाम की समस्या पैदा न हो। चारों दोस्तों के शव पहुंचने के बाद सब्जी मंडी चौराहे से चांद तारा विवेकनगर मोड़ तक लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

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प्रतापगढ़ में पल्टन बाजार में हादसे में मृत युवकों का शव पहुंचने पर जुटी भीड़। - फोटो : प्रतापगढ़
हादसे पर मुख्यमंत्री ने भी जताया दुख
बाराबंकी के हैदरगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बुधवार की रात सड़क दुर्घटना में शहर के चार लोगों की मौत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने भी दुुख जताया है। उनके ट्विटर एकाउंट से जारी शोक संदेश में दिवंगत आत्मा की शांति की कामना के साथ ही शोक संतप्त परिवार के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है।


बंद रहीं दुकानें, मोहल्ले में पसरा रहा सन्नाटा
बुधवार की रात हादसे की जानकारी के बाद ही पल्टन बाजार मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया। मेडिकल कॉलेज के गेट पर मेडिकल स्टोर, बीज भंडार की दुकान तुरंत बंद कर लोग घर रवाना हो गए। यहां भी करीब दो सौ मीटर की परिधि में दुकानें बंद रहीं। दिन भर लोग एक दूसरे के गम में शरीक होते रहे।
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सड़क हादसे में युवकों की मौत के बाद जुटी भीड़। - फोटो : प्रतापगढ़
राजनैतिक दलों संग शहरियों का देर रात तक लगा रहा जमघट

शहर के पल्टन बाजार में बृहस्पतिवार को ईशा नमाज के बाद चारों दोस्तों का जनाजा एक साथ घरों से निकला तो हर किसी की आंखों से आंसू निकल पड़े। परिवार के लोगों को बुरा हाल था। उनके रोने बिलखने के साथ ही चीत्कार सुनकर हर किसी का कलेजा फटा जा रहा था। शोक जताने के लिए राजनैतिक दलों के नेताओं के साथ शहरियों का जमावड़ा लगा रहा। जनाजे को कंधा देने के लिए भीड़ के चलते लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।


पल्टन बाजार निवासी चंपा सुर्ती कारोबारी मुर्तजा खान के बेटे इरशाद उर्फ गोलू, मेडिकल स्टोर संचालक शमीम खान के बेटे इमरान के अलावा लुकमान व अबू बकर के जनाजे को गुस्ल देने के बाद घर पर रखा गया। बाद नमाज ईशा चारों के जनाजे घरों से एक साथ उठे। यह देख हर कोई बिलखने लगा। परिवार के लोगों का करुण क्रंदन देख लोग गमगीन हो गए। चांद तारा कब्रिस्तान में सभी जनाजे की अलग-अलग नमाज अदा कराने के बाद सभी को सुपुर्द-ए- खाक किया गया।


कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने घटना पर दुख जताया। पल्टन बाजार पहुंचकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. लालजी त्रिपाठी, कपिल द्विवेदी, डॉ. नीरज त्रिपाठी, सभासद प्रतिनिधि योगेश सिंह, दिनेश सिंह, दिन्नू सिंह, दानिश माबूद, इरफान खान, इश्तियाक अहमद, हुजैफ खान, कासिम बाबा, वासिक खान, इरशाद सिद्दीकी, शहरेआलम शेबू, अज्जू ओझा, अख्त राइन, व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेंद्र केसरवानी समेत बड़ी संख्या में लोग परिवार के लोगों को सांत्वना देने पहुंचे।
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