रानीगंज थाना क्षेत्र के लच्छीपुर निवासी जगदीश प्रसाद गुप्ता गल्ला के कारोबारी हैं। उनके तीन बेटों में सबसे छोटा दिलीप गुप्ता बचपन से ही तेज दिमाग का था। स्नातक की पढ़ाई करने के बाद करीब चार साल पहले वह आगे की पढ़ाई करने के लिए लखनऊ चला गया।
लेखपाल भर्ती परीक्षा में वाराणसी में दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते पकड़ा गया दिलीप गुप्ता लंबे समय से सॉल्वर गिरोह से जुड़ा है। वह प्रतियोगी परीक्षाओं समेत बीटीसी, टीईटी जैसी परीक्षाओं में पास कराने और नंबर बढ़ाने का ठेका लेता था। प्रतापगढ़ के रानीगंज इलाके लच्छीपुर गांव के रहने वाले दिलीप ने जिले के भी दर्जनभर से अधिक अभ्यर्थियों से रुपये लिए थे।
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रानीगंज थाना क्षेत्र के लच्छीपुर निवासी जगदीश प्रसाद गुप्ता गल्ला के कारोबारी हैं। उनके तीन बेटों में सबसे छोटा दिलीप गुप्ता बचपन से ही तेज दिमाग का था। स्नातक की पढ़ाई करने के बाद करीब चार साल पहले वह आगे की पढ़ाई करने के लिए लखनऊ चला गया। तब से वहीं रह रहा था। जगदीश के दो अन्य बेटे राजू और संदीप पिता के कारोबार में हाथ बंटाते हैं।
रविवार को लेेखपाल भर्ती परीक्षा में वाराणसी में दूसरे के स्थान पर दिलीप को परीक्षा देते पकड़े जाने की खबर मिलने के बाद इलाके में उसकी करतूतों की चर्चा शुरू हो गई। बताया गया कि उसने रानीगंज के दर्जनभर से अधिक छात्र-छात्राओं से भी माध्यमिक शिक्षा परिषद, बीटीसी, टीईटी समेत अन्य परीक्षाओं में पास कराने और अच्छे नंबर दिलाने का ठेका लेने के बाद रुपये लिए थे। वह प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने का भी ठेका लेता था।
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रविवार को वाराणसी में उसके पकड़े जाने की खबर मिलते ही परिवार के लोगों ने चुप्पी साध ली। बाजार के लोगों के अनुसार, दिलीप गुप्ता ने इलाके के करीब दर्जनभर से अधिक युवाओं से प्रतियोगी परीक्षाएं पास कराने के लिए लाखों रुपये ले रखे हैं। हालांकि उसके खिलाफ आज तक किसी ने पुलिस से शिकायत नहीं की है। सीओ रानीगंज विनय प्रभाकर साहनी ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद दिलीप गुप्ता के बारे में छानबीन की जा रही है।