फर्जी फर्म के सहारे भूसा घोटाले का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि समाज कल्याण अधिकारी पर फर्म का प्रोपराइटर बनकर शासन की धनराशि का बंदरबांट किए जाने का आरोप लगा है। अधिकारी ने ड्राइवर के नाम पर बनाई गई फर्म से भी लाखों रुपये का गोलमाल किया। मुख्यमंत्री से लेकर निदेशक समाज कल्याण तक से शिकायत की गई है।
सरला कम्युनिकेशन की प्रोपराइटर सुमन शर्मा का आरोप है कि राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय नरायनपुर, जेठवारा में साज-सज्जा, मरम्मत और आवास व्यवस्था को बेहतर करने के लिए शासन से धनराशि उपलब्ध कराई गई। समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र मौर्य ने अपने ही ड्राइवर के नाम से फर्म बनाकर सामग्री की आपूर्ति करके लाखों रुपये का गोलमाल कर दिया।
यही नहीं, पैसे की लालच इतनी बढ़ी कि शासन की धनराशि का बंदरबांट करने के लिए समाज कल्याण अधिकारी स्वयं एक फर्म के प्रोपराइटर बन बैठे और सामूहिक विवाह योजना में फर्म से सामग्री की आपूर्ति कराकर आवंटित बजट में हेराफेरी कर धनराशि का हजम कर लिया। शासन की मंशा के अनुसार आयोजन का कार्य भी पूरा नहीं हुआ। मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर मामले की जांच उच्च अधिकारियों की टीम गठित कर कराए जाने की मांग की गई है। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री के साथ निदेशक समाज कल्याण से भी की गई है।