प्रतापगढ़। दुकानदारों को सोचना होगा कि रास्ता न होने के कारण ग्राहक देवता उनके पास तक कैसे पहुुंचेंगे। ऐसे में उन पर मां लक्ष्मी की कृपा भी कम हो जाएगी। ऐसा ही कुछ नजारा चौक से लेकर कचहरी मार्ग पर दिखाई पड़ता है। ग्राहक आवागमन की दिक्कतों के चलते उन दुकानों तक जाने से बचते हैं।
चौक घंटाघर से कचहरी रोड पर रात के समय बाइक से फर्राटा भरने में महज दो-तीन मिनट का समय लगता है, लेकिन दिन में इस रोड पर बीस मिनट से भी अधिक का समय लग जाता है। इसकी प्रमुख वजह दुकानदारों द्वारा पटरियों पर मालिकाना हक समझकर किया गया अतिक्रमण है। दुकान खोलने के बाद दुकानदार पटरियों तक अपना सामान सजा देते हैं। इससे पैदल चलने वाले भी सड़कों से ही गुजरने लगते हैं।
चौक घंटाघर से कचहरी की ओर बढ़ते ही ग्राहकों को रिझाने के लिए सजे सामान और बाइकों की भीड़ से लोगों का पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है। कमोवेश यही हाल श्रीराम तिराहा, जिला अस्पताल व महिला अस्पताल के करीब, स्टेट बैंक, जीआईसी के सामने से लेकर राजापाल चौराहे तक दुकानदारों के अतिक्रमण से ग्राहकों को भी तमाम दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बाइक खड़ी करने का स्थान न मिलने के कारण लोग ऐसी दुकानों पर खड़े होने से भी कतराते हैं। पटरी पर लगी दुकानों से अधिक जिला पंचायत के दुकानदारों ने तो पूरी पटरियों पर कब्जा जमा रखा है। इनके आगे ठेले वाले भी फल, सब्जी बेचते रहते हैं। इससे हमेशा जाम के हालात पैदा होते हैं।
पटरी तक दुकान सजाकर बैठे दुकानदारों को यदि कोई संभ्रांत व्यक्ति कुछ बोल दे तो उसकी खैर नहीं। श्रीराम तिराहे पर फल बेचने वालों, जिला व महिला अस्पताल के करीब ठेला लगाने वालों के अलावा पटरियों तक अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को यदि किसी ने टोका तो फिर उसकी खैर नहीं। वे एकजुट होकर उससे लड़ने पर आमादा हो जाते हैं। इसलिए अब तो लोग इनके मुंह लगना ही बंद कर दिए हैं।