करीब 300 छात्रों को पैरामेडिकल की फर्जी डिग्री देने वाले गिरोह के तार एसआईटी प्रयागराज से लेकर राजस्थान तक खंगालेगी। सीओ लालगंज के नेतृत्व में गठित एसआईटी गिरोह में शामिल सदस्यों की भूमिका की जांच कर उन पर शिकंजा कसेगी।
संग्रामगढ़ के लोकैयापुर मनगढ़ निवासी आशीष कुमार यादव ने अपने घर के करीब ही गेटवे कॉलेज ऑफ फार्मेसी एंड मेडिकल कॉलेज नाम का संस्थान खोला था। संस्थान के जरिये परीक्षाओं में फेल छात्रों को पास कराने और कम फीस में डीफार्मा, बीफार्मा समेत विभिन्न कोर्स व डिप्लोमा कराने का झांसा देकर विद्यार्थियों से मोटी रकम वसूलता था। आरोपी ने छात्रों को फर्जी डिग्री दे दी।
विद्यार्थियों की शिकायत पर एसपी डॉ. अनिल कुमार ने जांच कराई। जांच में फर्जीवाड़े की परत दर परत खुलती चली गई। संग्रामगढ़, महेशगंज व मानिकपुर में मनगढ़ निवासी आशीष कुमार यादव समेत आठ लोगों पर मुकदमा दर्ज कर जांच सीओ लालगंज रामसूरत सोनकर को सौंपी गई। जांच के दौरान मेडिकल कॉलेज बताए जा रहे जगह पर रिसाॅर्ट मिला। जहां पहले स्कूल चलता था। पुलिस ने संचालक आशीष कुमार यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
एसपी डॉ. अनिल कुमार के आदेश पर गठित एसआईटी सीओ लालगंज के नेतृत्व में फर्जीवाड़े की जांच करेगी। जल्द ही टीम प्रयागराज स्थित कार्यालय व डिग्री देने वाले विवि तक जांच करने जाएगी। रुपये लेकर बिना पढ़ाई परीक्षा पास कराकर डिग्री देने वाले गिरोह में शामिल सदस्यों पर टीम शिकंजा कसेगी। सीओ रामसूरत सोनकर ने बताया कि टीम अपना काम कर रही है। जल्द ही गिरोह में शामिल अन्य लोग भी शिकंजे में होंगे।
सेंटर पर पसरा रहा सन्नाटा
फर्जी मेडिकल कॉलेज का संचालन करने वाले प्रबंधक आशीष यादव पर कार्रवाई के बाद सेंटर पर शनिवार से ही सन्नाटा पसरा हुआ है। इसे लेकर इलाके में खासी चर्चा है।
हथिगवां में छात्र ने दर्ज कराया एक और मुकदमा
हथिगवां थाना क्षेत्र के रसूलपुर निंदूर निवासी मोहम्मद सऊद ने फर्जी पैरामेडिक कॉलेज संचालक और उसके साथियों के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज कराया है।
छात्र के मुताबिक गेटवे फार्मेसी एंड पैरामेडिकल कॉलेज में वर्ष 2021 में उसने डी फार्मा में प्रवेश लिया था। उसका दो साल का सत्र भी पूरा हो गया। उसे कॉलेज के प्रबंधक आशीष यादव ने भरोसा दिलाया था कि छात्रवृत्ति व ग्रीन कार्ड समय से मिलेगा। जो डिग्री उसे दी गई है वह सिंघानिया यूनिवर्सिटी झुंझनू राजस्थान से संबंधित है। वह कॉलेज पीसीआई से अप्रूव्ड नहीं है। उसको गुमराह किया गया।
29 जून को वह अन्य छात्रों के साथ संस्थान के कार्यालय पहुंचा। जहां आशीष यादव, कामिनी मौर्य, काजल, ममता यादव व उनके निजी सुरक्षाकर्मियों ने मारपीट की। धमकाया कि फर्जी छेड़खानी व चोरी के मुकदमे में फंसा दूंगा। 50 हजार रुपये जमा करने के लिए धमकी देता रहा। शिकायत पर पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।