सिंचाई विभाग के तीन खंड क्षेत्र में स्थित 160 नहरों से जल्द ही सिल्ट निकालने का काम शुरु होगा। करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे। काम की निगरानी ड्रोन के माध्यम से होगी। वीडियो क्लिप बनाई जाएगी।
शनिवार की शाम सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में कुंडा, बिहार, बाबागंज, संग्रामगढ़, लालगंज, लक्ष्मणपुर, मानधाता, सांगीपुर सहित दस ब्लॉक में दो किलोमीटर लंबी कुल 160 नहरों से सिल्ट निकलवाने के लिए निविदा प्रकाशित की गई। ठेकेदारों को सलाह दी गई है कि 31 अक्तूबर तक कामकाज का बंधपत्र जमा कर दें। गेहूं की बोआई से पहले 25 नवंबर तक सभी नहरों की सफाई का लक्ष्य तय कर दिया गया है।
अलग-अलग नहरों से सिल्ट सफाई के कामकाज का बजट करीब दो लाख रुपए के भीतर ही रखा गया है।
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वीडियो क्लिप व तस्वीर नहीं तो रुकेगा भुगतान
शिल्ट निकालते समय क्षेत्रीय जेई व कर्मचारियों को ड्रोन कैमरे से वीडियो क्लिप व मोबाइल से ली गई तस्वीर को विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने की बाध्यता रखी गई है। काम की गुणवत्ता के लिए ऐसा किया गया है। ऐसा न होने पर भुगतान रोक दिया जाएगा।
62 काम के लिए एक फर्म...
क्षेत्र के प्रभावशाली नेताओं के दबाव में अफसरों ने पहले से काम करते आ रहे ठेकेदारों की फर्म को फिर से जिम्मा सौंपा है। कुंडा, बिहार, बाबागंज और लालगंज ब्लॉक में टेंडर मैनेज होने पर अफसरों ने मौन धारण किया है। सूत्रों का कहना है कि इन चार ब्लॉक के लगभग 62 काम के लिए एक ही फर्म की ओर से निविदा फार्म जमा किया गया। प्रभावशाली ठेकेदारों के दबाव में दूसरी फर्म को टेंडर फार्म ही नहीं जमा करने दिया गया।
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नहरों से सिल्ट निकलवाने के लिए फर्म को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। नवंबर माह के दूसरे सप्ताह तक नहरों की सफाई कराने का लक्ष्य तय है। किसी नेता के दबाव में कामकाज तय करने में खेल करने का आरोप बेबुनियाद है।
- आरके सिंह, अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग