जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी के कथित दुर्व्यवहार से खफा नायब तहसीलदार पट्टी सुनील कुमार सिंह ने सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल कर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है। नायब तहसीलदार ने आरोप लगाया कि डीएम ने एक मामले में पक्ष विशेष को लाभान्वित करने के लिए दबाव बनाया था। मंगलवार को दाखिल परिवाद में सीजेएम ने नायब तहसीलदार के अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद डीएम के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी करने के पहले पीड़ित पक्ष की व्यथा सुनने के लिए बुधवार को कोर्ट में पेश होने को कहा है।
पट्टी तहसील में तैनात नायब तहसीलदार सुनील कुमार सिंह अनुसूचित जाति के हैं। मंगलवार कोे सीजेएम कोेर्ट में 156 (3) के तहत परिवाद दायर कर आरोप लगाया है कि फरवरी 2015 में सदर तहसील में तैनाती के दौरान डीएम अमृत त्रिपाठी ने न्यायालय में विचाराधीन एक मामले में पक्ष विशेष को लाभान्वित करने के लिए दबाव बनाया। नियम के खिलाफ कार्य होेने के कारण उन्होंने करने से मना कर दिया। इससे नाराज डीएम ने 27 फरवरी शाम सात बजे अपने कैंप कार्यालय बुलाकर अपमानित किया।
उन्होंने जातिसूचक शब्दोें का प्रयोग करते हुए अमर्यादित आचरण किया। नायब तहसीलदार के अधिवक्ता ने बताया कि डीएम निलंबित करवाने की धमकी बराबर दे रहे हैं। मंगलवार को दाखिल वाद की सुनवाई करते हुए सीजेएम ने अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद बुधवार को नायब तहसीलदार को कोर्ट में तलब किया है। बतादें कि इसके पहले भी राजस्व परिषद के अध्यक्ष सहित कई अधिकारियों कोे पत्र लिखकर डीएम की कथित ज्यादती की शिकायत कर चुके हैं। उधर, जिलाधिकारी ने उक्त नायब तहसीलदार के आरोपों को गलत बताया है।