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शहर में बिना पार्किंग चल रहे शापिंग माल

Fri, 05 Oct 2018 02:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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डेमो - फोटो : डेमो
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आम आदमी के घरों के स्वीकृत नक्शे के अनुरूप निर्माण में कोई तब्दीली होने पर तत्काल गंभीरता दिखाने वाले विनियमित क्षेत्र व नगर पालिका के लोग शापिंग माल संचालकों के आगे बेबस हैं। यहां उन्हें न तो नियमों का उल्लंघन नजर आ रहा है तो न ही पटरियों पर कोई अतिक्रमण। नतीजा शहर में संचालित अधिकांश शापिंग माल में मनमानी हावी है। एक दो माल को छोड़ दें तो कहीं भी पार्किंग की सुविधा नही है, जबकि माल या व्यावसायिक कांप्लेक्स निर्माण की यह अहम शर्त है। बेसमेंट में जहां पार्किंग होनी चाहिए। वहीं भी दुकानें चल रहीं हैं। माल संचालकों पर मेहरबानी का खामियाजा आम राहगीरों को जाम में फंसकर भुगतना पड़ता है।
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शहर के विभिन्न जगहों पर करीब आधा दर्जन से अधिक माल चल रहे हैं। इनमे किसी के पास पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। कुछ के पास है तभी तो वह मानक विहीन है। ग्राहक सड़कों पर वाहन खड़ा कर शापिंग माल में खरीदारी करने के चलते कई लोगों के वाहन चोरी भी हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में माल संचालक वाहन रखवाली की जिममेदारियों से पल्ला झाड़ लेते हैं। इस सब दुर्व्यवस्थाओं के बावजूद विनियमित क्षेत्र की ओर से कई शापिंग माल को कानूनी मान्यता देते हुए बकायदा नक्शा पास करा दिया गया है। नक्शे में जितना एरिया शापिंग माल के लिए दिया गया है। उतना ही एरिया पार्किंग के लिए भी दर्शाया गया है, जबकि धरातल पर तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है। कई ऐसे शापिंग माल है। जिसके बाहर एक चार पहिया वाहन खड़ा करने के लिए जगह नहीं है। इसके बाद भी उनमें एक साथ 50 से अधिक लोग खरीदारी करते हैं।

शापिंग माल बनाने के लिए सबसे पहले जमीन के कागजात और उसका नक्शा विनियमित क्षेत्र को देना होता है। विभाग नक्शे की गहन जांच के दौरान यह सुनिश्चित करता है कि पार्किंग की सुविधा है या नहीं। बिना पार्किंग के कोई भी नक्शा स्वीकृत नहीं किया जा सकता। पार्किंग के लिए भी शापिंग माल के बराबर एरिया निर्धारित की जाती है। लिहाजा आमतौर पर बेसमेंट में ही पार्किंग की सुविधा दी जाती है। नक्शा स्वीकृत करने के बदले चार रुपये प्रति वर्ग फीट के हिसाब से विकास शुल्क व 50 रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से मानचित्र शुल्क जमा करना होता है।
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शापिंग माल का नक्शा पास कराने के लिए लोग जमीन के कागजात के अलावा जरूरी धनराशि विनियमित क्षेत्र के जेई व लिपिक के पास जमा कर देते हैं। विभाग नियमों के मुताबिक नक्शा पास कर देता है। मगर इसके बाद कोई भी कर्मचारी यह देखने निर्माण स्थल पर नहीं जाता कि नक्शे के अनुरूप काम हो रहा है कि नहीं। यही कारण है कि नक्शे में भले ही पार्किंग हो लेकिन मौके पर उनका वजूद नहीं है। कुछ ने किराए पर पार्किंग की जगह ले रखी है, लेकिन वह भी मानक के अनुरूप नही है।

जाम के झाम से घंटों पड़ता है जूझना
शहर के सबसे व्यस्त क्षेत्रों में शुमार पंजाबी मार्केट, बाबागंज, अंबेडकर चौराहा से चौक घंटाघर मार्ग पर वाहनों की पार्किंग सड़क पर ही होती है। शहर में घुसते ही अवैध पार्किंग की समस्या से लोगों को दो चार होना पड़ता है। अक्सर जाम के कारण लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता है।

शहर के सभी शापिंग माल संचालकों को जल्द ही नोटिस भेजकर उनसे नक्शे की मांग की जाएगी। जिन्होंने नक्शे पास कराए हैं या नक्शा पास कराने के बावजूद मानकों की अनदेखी करने पर उतारू हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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एसपी सिंह, एसडीएम सदर/ प्रभारी विनियमित क्षेत्र
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