लालगंज एडीजे कोर्ट ने जानलेवा हमले के मामले में सात दोषियों को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश लालगंज रघुवीर सिंह राठौड़ की कोर्ट ने सुनाया।
दोषियों में राजीव गांव निवासी इरशाद उर्फ चांदबाबू, दिलशाद उर्फ गुल्ली, लतीफ शाह उर्फ शाकिर, शाबिर शाह, नासिर शाह, जाबिर शाह और मोनू शामिल हैं। इनमें से पांच सगे भाई हैं।
वादी मुकदमा राजीव गांव निवासी असलम खान के अनुसार, यह घटना 5 फरवरी 2025 की रात हुई थी। असलम खान अपने पड़ोसी से बातचीत कर रहे थे। उसी समय इरशाद उर्फ चांद बाबू धारदार हथियार और तमंचा लेकर वहां पहुंचे। लतीफ उर्फ शाकिर, साबिर शाह, नासिर शाह, जाबिर शाह और मोनू ने जमीन विवाद की रंजिश में असलम खान को धमकाया।
आरोपियों ने मारपीट करते हुए फायरिंग भी की। पीड़ित के घरवालों के बीच-बचाव करने पर आरोपी हवाई फायरिंग करते हुए भाग निकले। उन्होंने पूरे परिवार की हत्या करने की धमकी भी दी थी। इस मामले में कोर्ट में 12 गवाहों ने अपना पक्ष रखा। राज्य की ओर से एडीजीसी अरुण सिंह ने पैरवी की।