आसपुर देवसरा के सेतापुर में स्थित पंचायत भवन। संवाद
मंगरौरा ब्लॉक के सेतापुर गांव की पहचान कभी यहां के पान से थी। विदेशों तक यहां का पान मशहूर था, लेकिन अब चमकती सड़कें, साफ-सुथरी गलियां, बेहतर कूड़ा प्रबंधन ने इसे एक अलग पहचान दी है। यहां के मेधावियों ने भी गांव का मान बढ़ाया। यहां से चार न्यायिक अफसर निकले। उन्हें देख अन्य प्रतियोगी छात्र व अन्य बच्चे प्रेरणा ले रहे हैं।
सेतापुर गांव में अंत्येष्टि स्थल, कूड़ा डंपिंग प्वाइंट, हाईटेक प्राथमिक विद्यालय और मिनी सचिवालय है। सफाई कर्मचारी घर-घर कूड़ा उठाकर डंपिंग प्वाइंट में डालते हैं। गांव में सड़क, नाली, पेयजल और स्वच्छता के कार्य हुए हैं। सड़कें चमक रही हैं। कूड़े का निस्तारण होने से स्वच्छता को धार मिली है। गांव से डॉ. बालमुकुंद चौरसिया, विनोद चौरसिया, सियाराम चौरसिया और सुचेता चौरसिया न्यायिक सेवा में हैं। एक ही गांव से चार न्यायिक अधिकारी निकलना कीर्तिमान है।
इनसेट:-
घर-घर नाली बनी है। समय पर पानी की आपूर्ति की जाती है। प्राथमिक विद्यालय से शुरुआती पढ़ाई करके यहां के मेधावी न्यायिक सेवा में हैं।
शिव कुमार चौरसिया
कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था से साफ-सफाई बेहतर हुई है। घर-घर स्वच्छ पानी मिल रहा है। विकास कार्यों से गांव की पहचान बदली है।
सुरेश चंद्र चौरसिया
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15 साल से गांव का विकास कर रही हूं। जल्द ही पुस्तकालय के स्थापना भी होगी। शासन ने हरी झंडी दे दी है।
गीता चौरसिया, प्रधान
इनसेट-
आंकड़ा
गांव की आबादी - 3500
कुल मतदाता - 2000
पुरुष मतदाता- 1200
महिला मतदाता- 800
स्नातक : 55 प्रतिशत
आसपुर देवसरा के सेतापुर में स्थित पंचायत भवन। संवाद
आसपुर देवसरा के सेतापुर में स्थित पंचायत भवन। संवाद
आसपुर देवसरा के सेतापुर में स्थित पंचायत भवन। संवाद