कुंडा के बेंती कोठी में स्टाल लगाकर लोगों से जनसमर्पण निधि का धन लेते कार्यकर्ता।
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देश में गुलामी की निशानियां हटाने व आक्रमण के कलंक को मिटाने का काम स्वाभिमानी समाज कर रहा है। पांच सौ वर्षों तक समाज में जिसके लिए कष्ट सहा, बलिदान दिए, अब उसे साकार होते अपनी आंखों से देखने का अवसर मिल रहा है। यह बातें शनिवार को विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राममंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कुंडा में पूर्व मंत्री और विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया की बेंती कोठी पर समर्पण निधि अभियान कार्यक्रम के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति से रविदास जयंती तक 42 दिन के अभियान में हर घर तक पहुंचने का कार्य कार्यकर्ता कर रहे हैं। भारत के 12 से 14 करोड़ परिवार और समाज के लोग इसमें अपनी श्रद्धा का समर्पण कर रहे हैं।
निधि संग्रह दान नहीं है। यह भगवान का घर यानि मंदिर बन रहा है। हम लोग मंदिर जाते हैं, घर पर पूजापाठ करते हैं, आरती करते हैं, आरती की थाली घूमती है तो हर कोई अपनी श्रद्धा का समर्पण करता है।
यह भगवान का घर बनने के लिए समाज का समर्पण है। इसलिए घर-घर जाने के लिए कार्यकर्ताओं से निवेदन किया गया है। समाज के असंख्य लोग इस कार्य को संभाल रहे हैं। इस दौरान बेंती कोठी में जन समर्पण निधि का स्टाल लगाया गया। इसमें प्रधान, बीडीसी सदस्य, प्रमुख, विधायक, जिला पंचायत सदस्य सहित अन्य लोगों ने सहयोग राशि दी।
इसमें पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह, एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह का भी सहयोग रहा। सूत्रों के अनुसार पूर्व मंत्री के घर से सोने और चांदी का भी दान दिया गया है। एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी ने बताया कि कोठी पर आयोजित कार्यक्रम से मंदिर को 4 से 5 करोड़ रुपये देने का लक्ष्य है। इसमें जनसत्ता दल के कार्यकर्ताओं से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का सहयोग रहेगा। इस दौरान व्यक्तिगत धनराशि की जानकारी देने से इनकार किया गया।
कुंडा के बेंती कोठी में राजा भैया के साथ विहिप के अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय।- फोटो : PRATAPGARH