सदर तहसील के कर्मचारियों को कुछ लोगों ने मारपीट कर कपड़े फाड़ डाले। कार्यालय में रखे सरकारी दस्तावेज भी फाड़ डाले। शोरशराबा सुनकर दूसरे लोगों ने पहुंचकर विवाद शांत कराया। पुलिस की मौजूदगी में भी तहसील में हंगामा होता रहा। कर्मचारियों ने जूनियर बार एसोसिएशन के महामंत्री समेत पांच वकीलों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
सदर तहसील में तैनात बीआरसी अरविंद चौधरी गुरुवार को कार्यालय में बैठकर विधानसभा की ईवीएम रिपोर्ट तैयार कर रहा था। उसका आरोप है कि अचानक एक अधिवक्ता संगठन के पदाधिकारी चार अज्ञात लोगों के साथ उसके पास पहुंचे। कक्ष में पहुंचते ही उसे जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए पीटने लगे। अभिलेख भी फाड़ डाले।
शोरशराबा सुनकर सत्येंद्र प्रताप सिंह नायब नाजिर सदर व एसडीएम सदर के स्टेनो वशिष्ठ कुमार सिंह आ गए। बीचबचाव के दौरान आरोपी इन दोनों पर भी हमलावर हो गए। आरोप है कि सत्येंद्र के कपड़े फाडकर जेब से 16 सौ रुपये निकाल लिए। जिससे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। सरकारी काम बंद करना पड़ा। लोग कार्यालय से जान बचाकर भागे। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन विवाद जारी रहा।
नगर कोतवाल के पहुंचने के पहले आरोपी जा चुके थे। पीड़ित कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर कोतवाली पुलिस को जूनियर बार एसोसिएशन के महामंत्री शेषबहादुर सिंह और व चार अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। नगर कोतवाल ने बताया कि कर्मचारी की ओर से तहरीर मिली है। हालांकि अभी कर्मचारी व वकीलों के बीच सुलह का मामला भी चल रहा है।
पहले भी हो चुका है बवाल
सदर तहसील में कर्मचारियों व अधिवक्ताओं के बीच टकराव कोई नई बात नहीं है। इसके पहले भी लेखपाल व वकीलों के बीच विवाद हो चुका है। कर्मचारियों से भी कहासुनी होती रही है। गुरुवार को हुए विवाद में कर्मचारियों के पक्ष से भी अधिवक्ता खड़े नजर आए।