देल्हूपुर के चंघईपुर में छह मई को बाइक लूटने के बाद घेराबंदी करने वाले ग्रामीणों से बचने के लिए चाचा भतीजे को गोली मारकर बदमाश भाग निकले। घटना के बाद फरार चल रहे तीन बदमाशों को डकैती की योजना बनाते समय शुक्रवार तड़के पुलिस व स्वाट टीम ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। तीनों बदमाशों के पैर में गोली लगी जबकि दो बदमाश भागने में कामयाब रहे। लुटेरों का मेडिकल में उपचार चल रहा है।
चंघईपुर निवासी मोहम्मद समीर की कुछ दिनों पहले शादी हुई है। छह मई की रात शादी में मिली समीर की बाइक और मोबाइल लूटकर तीन बदमाश भागे। शोर शराबा सुनकर ग्रामीणों ने बदमाशों की घेराबंदी कर ली। इस बीच ग्रामीणों से बचने के लिए घर जा रहे रोहित सिंह व उसके भतीजे विपिन सिंह को बदमाशों ने गोली मार दी।
लोकसभा चुनाव के दौरान हुई इस घटना को पुलिस ने चुनौती के रूप में स्वीकार किया। एडीजी व आईजी ने घटना पर नाराजगी जताई। जिसे पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने चुनौती के रूप में लिया। खुलासे के लिए सात टीम गठित कर खुद मॉनीटरिंग करने लगे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि टीम को जानकारी मिली नरसिंहगढ़ नहर के करीब तवकंलनपुर में दो बाइक लेकर पांच बदमाश खड़े हैं। जो किसी स्थान पर डकैती करने की फिराक में हैं। जानकारी मिलते ही स्वाट टीम प्रभारी सुनील यादव व देल्हूपुर थानाध्यक्ष धनंजय राय बदमाशों की घेराबंदी कर लिए। पुलिस को देख बदमाश फायरिंग करते हुए भागे। पुलिस की जवाबी फायरिंग में मानधाता के सुबरनी निवासी मोहम्मद मुस्लिम, देल्हूपुर के चंघईपुर निवासी सद्दाम व रानीगंज के कौलापुर निवासी अरबाज के पैर में गोली लग गई जबकि अंधेरे में मानधाता के हैंसी का ऐनुल अली व कौलापुर नंदपट्टी का रहने वाला सहबाज फरार हो गया। घायल बदमाशों को मेडिकल कॉलेज लाकर भर्ती कराया गया। एसपी ने आगे बताया कि पकड़े बदमाश लूटी गई बाइक लेकर निर्माणाधीन सड़क पर गिर गए थे। ग्रामीणों को आता देख बाइक छोड़कर भाग निकले। रास्ते में सामने से पहुंचे विपिन सिंह व रोहित सिंह को गोली मारी थी। बदमाशों का मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। देल्हूपुर पुलिस ने सभी के खिलाफ पुलिस मुठभेड़ का मुकदमा दर्ज कर लिया।
सिपाही को गोली मारने के आरोपी का भाई है सद्दाम
कोतवाली देहात के भुपियामऊ चौराहे पर करीब सात माह पहले बाइक सवार बदमाशों ने चेकिंग के दौरान रोकने पर पीआरवी के सिपाही राजकुमार को गोली मार दी थी। काफी दिनों बाद हुए खुलासे में चंघईपुर के पूर्व बीडीसी सदस्य रफीक के बड़े बेटे का नाम सामने आया था। पुलिस ने उसे जेल भी भेजा था। बड़े भाई के बाद अब सद्दाम ने भी अपराध की दुनिया में कदम रखा है।
20 दिन पहले रात भर मचाया था तांडव
चंघईपुर के रहने वाले सद्दाम के गिरोह ने 20 दिन पहले रात में जमकर तांडव मचाया था। महिला की चेन छीनने के साथ ही राहगीरों से रुपये व मोबाइल भी छीना था। पुलिस सूत्रों के अनुसार मुठभेड़ में फरार बदमाश भी घटना में शामिल थे।
महंगे शौक पूरा करने को उतरे जरायम की दुनिया में
पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए सद्दाम, अरबाज, मुस्लिम व फरार ऐनुल और सहबाज अपने महंगे शौक पूरी करने के लिए छिनैती व राहजनी का रास्ता अपना लिया था। आपराधिक घटना में कभी पकड़े न जाने के कारण उन पर किसी को शक भी नहीं था। पुलिस का कहना है कि सभी ब्रांडेड कपड़े, बाइक और महंगे मोबाइल की शौक पूरी करने के लिए अपराध में कदम रखे थे। कई छोटी मोटी घटनाओं के बाद वे पकड़े भी नहीं गए। जिसके चलते उनका मनोबल लूट व गोली मारने तक पहुंच गया।