आशीष यादव जिला पंचायत सदस्य रानीगंज।
प्रयागराज के खुल्दाबाद में नौ साल पहले बाइक चोरी करने वाला लुटेरा आशीष यादव योगी 2021 के पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य बन बैठा। चुनाव जीतने के बाद भी वह आपराधिक घटनाओं में लिप्त रहा। उस पर प्रयागराज में तीन व रानीगंज थाने में पांच मुकदमे दर्ज हैं।
रानीगंज थाना क्षेत्र के खमपुर दुबेपट्टी निवासी आशीष यादव उर्फ योगी ने वर्ष 2014 में जरायम की दुनिया में कदम रखा था। प्रयागराज के खुल्दाबाद में बाइक चोरी के मामले में जेल जा चुका आशीष चोरी छिपे लूट व छिनैती की वारदातों को अंजाम देता रहा। उस पर 2019 में जानलेवा हमले का मुकदमा रानीगंज थाने में दर्ज हुआ। 2020 में भी बलवा समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। 2021 में रानीगंज में कोरोना के दौरान बीच भीड़ एकत्र करने पर महामारी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। 2021 में ही आशीष ने बसपा से शिवगढ़ द्वितीय सीट पर जिला पंचायत का उम्मीदवार होने की होर्डिंग्स भी क्षेत्र में लगवाईं, लेकिन पार्टी ने उसे प्रत्याशी नहीं बनाया। वह निर्दल ही चुनाव मैदान में उतरा और जीत हासिल की।
15 मई को बांसी में आयोजित कार्यक्रम में सराय सुल्तानी निवासी आप नेता अजीत यादव के भाई रंजीत पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें पुलिस ने उसे असलहा के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। करीब एक माह पहले वह जेल से छूटा। इसके बाद ही प्रयागराज के बहरिया में साथियों के साथ कार लूट की घटना अंजाम दिया। सीसीटीवी के आधार पर प्रयागराज पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
सफेदपोश बनने के बाद भी लुटेरों को देता था पनाह
जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतने के बाद आशीष यादव उर्फ योगी लुटेरों को पनाह देता था। अक्सर उसके साथ नई उम्र के लड़के नजर आते थे। उसके गिरोह के सदस्य लगातार आपराधिक वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस की पूछताछ में ऐसे कई लोगों के नाम सामने आए हैं।
पहले भी एक जिला पंचायत सदस्य जा चुका है जेल
जिले में अपराधी जिला पंचायत सदस्य का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले लालगंज पुलिस ने करीब एक साल पहले लक्ष्मणपुर से जिला पंचायत सदस्य विश्वास प्रकाश वीरू नागर को जेल भेजा था। दिनदहाड़े बाबूगंज बाजार में हुई लूट की घटना में पुलिस ने बदमाशों को लेकर भाग रहे जिला पंचायत सदस्य वीरू नागर को गिरफ्तार किया था।