जाड़े के मौसम में रात में कोहरे ने बसों की रफ्तार पर रोक लगा दी है। इसके बाद भी अधिकांश बसों में एंटी फाग लाइट नहीं लग सकी है। वहीं, वाइपर भी खराब है। ऐसे में रोडवेज बसों की यात्रा खतरनाक हो सकती है। फिर भी अफसर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं।
रात में कोहरा पड़ने पर साधारण लाइट से सड़क पर चंद कदम चल पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कोहरे से निपटने में एंटी फाग लाइट कारगार होती है। मगर रोडवेज अफसरों की लापरवाही का आलम ये रहा कि कोहरा पड़ना शुरू हो गया है लेकिन तमाम बसों में एंटी फाग लाइट नहीं लग सकी है। यही नहीं, बसों की विंड स्क्रीन पर लगे वाइपर भी काम नहीं कर रहे हैं। इससे चालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
चालकों का कहना है कि एंटी फाग लाइट नहीं लगने से सड़क नहीं दिखाई देती है तो वाइपर खराब होने से कोहरे से विंडस्क्रीन पर ओस जम जाती है। बाहर दिखाई देना बंद हो जाता है। कुछ दूर चलने के बाद चालकों को शीशा साफ करना पड़ता है। रफ्तार कम होने का असर है कि लम्बे रूट पर चलने वाली बसें अपने समय से घंटों देर से पहुंच रही हैं।
बसों के पिछले हिस्से में रिफ्लेक्टर टेप भी लगाए जाते हैं। कोहरे में यह टेप लाइट को रिफ्लेक्ट करते हैं। इससे सड़कों के किनारे खड़ी बस दूर से ही दिखाई दे जाती है। मगर कोहरे का कहर शुरू होने के बाद भी बसों में इसे नहीं लगाया जा सका है। चालकों का कहना है कि बसों में इसके न लगने से दुर्घटना हो सकती है।
एआरएम प्रतापगढ़ बीसी अस्थाना ने बताया कि कई बसों में एंटी फाग लाइट लगाई गई है। जिन बसों में एंटी फाग लाइट नहीं है, उसमें जल्द ही लगवा दिया जाएगा।