Responsibility to increase voting percentage on Anganwadi, ASHA and BLO
जिले में 27 फरवरी को होने वाले मतदान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा और बीएलओ को मतदान प्रतिशत बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीएलओ घर-घर पर्ची बांटने के साथ ही मतदाताओं से बूथ पर पहुंचकर मतदान करने के लिए कहेंगे, जबकि आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव की महिलाओं को मतदान करने के लिए प्रेरित करेंगे।
जिले में 27 फरवरी को मतदान होगा। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में जिले में 55.97 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस वर्ष मतदान प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य है। जिले के स्कूलों और कॉलेजों में इन दिनों मतदाता जागरूकता अभियान कार्यक्रम चल रहा है। मतदान के दिन मतदाताओं को प्रेरित कर बूथ तक लाने की जिम्मेदारी आशा, आंगनबाड़ी और बीएलओ को सौंपी गई है।
दरअसल, पुरुष मतदाता तो वोट डालने के लिए बूथ पर स्वयं आते हैं, मगर महिला मतदाता कोई न कोई परेशानी बताकर बूथ तक जाने में दिलचस्पी नहीं दिखाती हैं। इसलिए गांव में तैनाती पाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशाएं उन्हें बूथ तक लाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
बीएलओ पुरुष मतदाताओं को घर से निकालने में अहम रोल निभाएंगे। जो मतदाता बूथ तक पहुंचने में असमर्थ होंगे, उन्हें किसी माध्यम से बूथ तक पहुंचाएंगे। फिलहाल आशा, आंगनबाड़ी और बीएलओ के प्रयास से निश्चित रूप से मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी होगी।
जिले में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मतदान के दिन आशा, आंगनबाड़ी और बीएलओ का गांव के लोगों को बूथ तक लाने में अहम रोल होगा। इसलिए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
सुनील शुक्ला, एडीएम