प्रयागराज की हजारों व्यापारियों को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से बड़ी राहत दी गई है। विभाग ने फूड लाइसेंस पर लगने वाले विलंब शुल्क को 31 दिसंबर 2020 तक के लिए हटा दिया है।
स्थानीय व्यापारी विलंब शुल्क हटाने की लंबे समय से मांग कर रहे थे। इस संबंध में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने भी ट्विट एवं मेल के माध्यम से केंद्र सरकार से फूड लाइसेंस पर लगने वाले विलंब शुल्क को दिसंबर 2020 तक माफ करने की मांग की थी।
कैट की ओर से 29 जुलाई को सरकार से मांग की गई थी कि कोरोना के कारण व्यापारी समय से सभी नियमों का पालन नही कर सकते। इसलिए सरकार सभी तरह की लेट फीस 31 दिसंबर 2020 तक माफ कर दे।
कैट के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने बताया कि नए लाइसेंस में स्थल के मुआयने को गैर जरूरी मानते हुए ई जांच के आधार पर नए लाइसेंस जारी करने की भी मांग की गई थी।
फिलहाल सभी मांगों को मानते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर शोभित जैन ने 31 दिसंबर 2020 तक लेट फीस न लिए जाने का आदेश जारी कर दिया है। प्रयागराज में ही 10 हजार से ज्यादा व्यापारियों को इसका लाभ मिलेगा। कैट प्रयागराज के उपाध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि इस कानून में लाइसेंस की एक्सपाइरी से 30 दिन पूर्व नवीनीकरण के लिए शुल्क जमा कर आवेदन कर देना होता था।
ऐसा न करने पर प्रतिदिन 100 रुपये के हिसाब से विलंब शुल्क व्यापारी देते थे। अब ऐसे लाइसेंस जो एक अगस्त से 31 दिसंबर के मध्य एक्सपायर हो रहे हैं, उनसे आवेदन के समय विलंब शुल्क नहीं लिया जाएगा।
कैट प्रयागराज के संगठन मंत्री आशुतोष गोयल ने कहा कि कोविड 19 के कारण नए लाइसेंस में कार्य स्थल का मुआयना न हो पाने से लाइसेंस जारी नहीं हो पा रहे थे, किंतु आदेश जारी होने से अब अधिकारी ई जांच कर लाइसेंस जारी कर सकेंगे। साथ ही व्यापारियों का उत्पीड़न भी नहीं होगा।
उधर, विभाग का यह आदेश आने के बाद राजमोहन पुरवार, विभु अग्रवाल, आशीष केसरी, तरंग अग्रवाल, अजय अग्रवाल, अनु पांडेय, मनोज अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, नीलेश अग्रवाल, अनिल नारसरिया, अजय अवस्थी, संजय जैन, के के अग्रवाल आदि ने कैट के राष्ट्रीय नेतृत्व एवं प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र गोयल को बधाई दी है।