बिल के बकायेदारों को बिजली विभाग ने अब कानूनी शिकंजे में कसना शुरू कर दिया है। उनके खिलाफ आरसी की कार्रवाई की जा रही है। सोमवार की देर शाम तक जिले के 201 बकायेदारों के खिलाफ आरसी जारी करने की कार्रवाई की गई। आरसी की सूची में 73 बकायेदार खंड एक और 128 खंड दो के हैं। इन पर पचास हजार से लेकर लाखों तक का बिल बकाया है। इन पर कुल करीब दो करोड़ का बिल बकाया चल रहा है।
इन बकायेदारों के खिलाफ विभाग ने हर तरह के हथकंडे आजमाये मगर सब बेकार रहे। लाइन काटने से लेकर एफआईआर करने तक की कार्रवाई की गई। मगर इन पर कोई असर नहीं हुआ है। सूत्र बताते हैं कि इसकी वजह विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत है। जब भी वसूली के लिये लोगों को फील्ड में भेजा जाता है। लोग बकायेदारों का ठंडा पीकर लौट आते हैं। कुछ दबंग बकायेदार होने की वजह से नहीं जाते हैं। जिन बकायेदारों ने हद पार दी उनके खिलाफ विभाग को मजबूर होकर आरसी काटना पड़ा। वसूली में किसी भी तरह की लापरवाही न हो इसके लिये इलाहाबाद और वाराणसी में बैठे कारपोरेशन के बड़े अफसरों ने प्रतापगढ़ के कर्मचारियों पर निगाह गड़ा दी है।
उनको प्रतिदिन की वसूली की रिपोर्ट भेजी जा रही है। जेई और एसडीओ की प्रगति रिपोर्ट प्रतिदिन मुख्यालय से जा रही है। चर्चा है कि जिनकी वसूली प्रगति खराब चल रही है अधिकारी उनकी अलग से सूची बना रहे हैं। जिन पर कार्रवाई की तलवार लटकी है। सोमवार को 201 बकायेदारों के खिलाफ आरसी की कार्रवाई की गई। एक्सईएन एके श्रीवास्तव ने बताया कि उनके यहां 73 ओपी मिश्रा ने बताया कि उनके यहां 128 बकायेदारों के खिलाफ आरसी की कार्रवाई की गई है। इसकी सूची बकायदा एससी इलाहाबाद को भी भेजी गई है।