जिले की राशन की दुकानों पर रेटबोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। ग्राहकों से अधिक दाम वसूलने पर जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया है। इधर शनिवार को एसडीएम सदर, तहसीलदार ने चिलबिला और शहर की दुकानों पर छापेमारी कर ओवररेटिंग करने वाले व्यापारी को दबोच लिया। हालांकि देर शाम तक व्यापारी के खिलाफ मुकदमा नहीं दर्ज किया गया था।
जिले में लॉकडाउन के दौरान थोक और फुटकर विक्रेता ग्राहकों का शोषण करने पर उतारू हैं। जिला प्रशासन के रेट निश्चित करने के बाद भी अधिक दाम वसूल रहे हैं। शनिवार को जिला प्रशासन ने सभी दुकानदारों के लिए रेटबोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया है। शनिवार की सुबह निर्धारित मूल्य से अधिक धनराशि वसूलने की खबर पर पहुंचे एसडीएम सदर मोहनलाल गुप्ता और तहसीलदार मनीष कुमार ने पहुंचकर थोक विक्रेता को रंगेहाथ दबोच लिया।
आश्चर्य की बात तो यह रही कि थोक विक्रेता ने दो दिन पहले जो स्टाक की सूची दी थी, उसमें वह सामग्री ही नहीं थी। एसडीएम ने व्यापारी को फटकार लगाते हुए कार्रवाई करने की बात कही थी, मगर देर शाम तक व्यापारी के खिलाफ मुकदमा नहीं दर्ज किया गया था। इधर जिला प्रशासन ने मेडिकल स्टोर, पेट्रोलपंपों को 24 घंटे खुले रहने और किराना, सब्जी, फल की दुकानों को सुबह छह से दस बजे तक खोलने का आदेश जारी किया है। इस अवधि में लोग अपनी जरूरत की सामग्री खरीद सकते हैं।